भाजपा सांसद के दफ्तर पर वरुण समर्थकों का हंगामा
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भाजपा नेता वरुण गांधी के समर्थकों ने इलाहाबाद से पार्टी के ही सांसद श्यामाचरण गुप्ता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
सांसद वरुण गांधी और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के खिलाफ गुप्ता के बयान से नाराज वरुण के समर्थकों ने सांसद के आवास और कार्यालय पर हंगामा किया। जीटी रोड स्थित कार्यालय पर पथराव किया। नारेबाजी की।
कार्यालय के सामने लगी होर्डिंग और शीशे तोड़ डाले। इस घटना से पार्टी में हड़कंप मच गया। बाद में पार्टी नेताओं और सांसद की ओर से सफाई दी गई कि घटना में भाजपा कार्यकर्ता शामिल नहीं है।
सांसद की कारोबारी कंपनी एसबीडब्ल्यू उद्योग लिमिटेड के महाप्रबंधक मनोज अग्रवाल की ओर से दो युवकों के खिलाफ नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ जार्जटाउन थाने में रिपोर्ट कराई गई।
श्यामाचरण के बयान से भड़का गुस्सा
शनिवार को पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थनाथ सिंह की प्रेसवार्ता खत्म होने के बाद भाजपा सांसद श्यामाचरण गुप्ता केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की ओर से सांसद पुत्र वरुण गांधी को मुख्यमंत्री के रूप में आगे बढ़ाने के सवाल पर बिदक गए थे।
उन्होंने मेनका और वरुण के खिलाफ विवादित बयान दिया। इसे लेकर दो दिन बाद सोमवार को भाजपा का झंडा लेकर करीब दो दर्जन से ज्यादा युवक सांसद के बालसन चौराहा स्थित आवास और श्याम बीड़ी वर्क्स कार्यालय पर धमक पड़े।
सड़क पर खड़े होकर सभी ने नारेबाजी की। साथ ही ईंट-पत्थर भी चलाए। सभी खुद को वरुण समर्थक बता रहे थे। कार्यकर्ताओं की मांग थी कि सांसद अपने बयान के लिए खेद जताएं।
भाजपा महानगर अध्यक्ष शशि वार्ष्णेय ने कहा कि प्रदर्शन व तोड़फोड़ में पार्टी कार्यकर्ता नहीं थे। कंपनी के श्याम बीड़ी वर्क्स के महाप्रबंधक ने लिखकर दिया कि प्रदर्शन में गोलू सोनकर, नीरज सोनकर समेत कई महिलाएं भी शामिल रहीं।
सभी ने गाली-गलौज के साथ पथराव कर बोर्ड और शीशे तोड़े हैं। कार्यालय के बाहर लगे सीसीटीवी के फुटेज, फोटो और वीडियो पुलिस को सौंप दिए गए हैं।
...क्या कहा था श्यामाचरण ने?
सांसद के मीडिया प्रभारी संतोष जैन ने कहा कि सांसद की ओर से रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। कंपनी के जीएम ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि वरुण गांधी के बहाने किसी ने साजिशन ऐसा कराया। इसमें पार्टी का कोई नेता शामिल नहीं है।
वरुण अपने नाम के आगे से गांधी शब्द हटाकर फिर मैदान में उतरें। इससे उनको अपनी हकीकत का पता चल जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए वरुण का ही नाम क्यों उछाला जा रहा है।
इलाहाबाद से भी मुख्यमंत्री हो सकता है। मेनका गांधी अपने पुत्र का नाम ले रही हैं, वह भी अपने पुत्र का नाम ले सकते हैं।
वह भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं। ऐसे बयान पर पार्टी की तरफ से कार्रवाई के नाम पर कहा कि निष्कासन से नहीं डरता। निकालना हो तो पार्टी अभी निकाल दे।