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वाराणसी: मोदी के ऑफिस पर लगी भीड़

Thu, 21 Aug 2014 01:35 PM IST
Updated Thu, 21 Aug 2014 01:35 PM IST
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varansi modi office

पीएम मोदी के संसदीय कार्यालय में बुधवार को पहले ही दिन फरियादियों की भीड़ उमड़ी। महीनों से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर काटने के बाद भी जिन लोगों की समस्याओं और शिकायतों का निराकरण नहीं हुआ, वे अपनी पीड़ा पीएम तक पहुंचाने की आस लेकर सुबह ही रवींद्रपुरी पहुंच गए।

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किसी को लापता बेटे की तलाश थी तो किसी को नौकरी की। शिकायतें दर्ज कराने झारखंड से लेकर महाराष्ट्र तक के लोग भी पहुंचे थे। उद्घाटन समारोह में भारी भीड़ होने की वजह से तमाम फरियादियों को गुरुवार को बुलाया गया है।
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निषादराज घाट की बिंदु तिवारी पीएम के संसदीय कार्यालय के सामने फफक-फफक कर रो रही थी। बिंदु अपने लापता बेटे को ढूंढने की फरियाद लेकर आई थी। उसने बताया कि पिछले साल देव दीपावली के दिन उसका बेटा बबलू (22) घर से निकला और आज तक नहीं लौटा। लेकिन पुलिस उसके बेटे को खोजने में दिलचस्पी नहीं ले रही है। अब पीएम ही उनके बेटे की तलाश कराएं।

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भीड़ को दिया गया अगले दिन का वक्त

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छावनी क्षेत्र में रहने वाले रामदत्त मिश्र की शिकायत थी कि उनके बेटे का चयन इंडो तिब्बत सीमा पुलिस में हो चुका है, लेकिन अभी तक बुलावा नहीं आया। आराजी लाइन ब्लाक के भदरासी गांव के जवाहिर यादव, नियेसीपुर के गुलाब सिंह, गौरा की समरथी देवी, काशीपुर के संजय पटेल, देऊरा के शिवलोचन समेत पचासों फरियादी वस्त्र मंत्रालय से जुड़ी शिकायत लेकर आए थे।

उनका कहना था कि केंद्रीय रेशम बोर्ड के अनुसंधान प्रसार केंद्र से वे सभी जुड़े हैं। शहतूत के पौधे लगाकर रेशम कीट का पालन करते हैं, लेकिन इस केंद्र को अब सीतापुर स्थानांतरित किया जा रहा है। इसे रोका नहीं गया तो सैकड़ों गरीबों की रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा।

झारखंड के धनबाद स्थित दांगी बस्ती से आए फरियादी श्रीकांत महतो ने बताया कि पुलिस भर्ती के दौरान उसकी पिटाई कर दी गई थी। इससे रीढ़ की हड्डी में चोट आ गई है। गरीबी के चलते उपचार नहीं हो पा रहा है। ऐसे में पीएमओ उसके इलाज के लिए हस्तक्षेप करे।

नांदेड़ (महाराष्ट्र) के दिनकर बोर्डे ने महिला हिंसा रोकने के लिए पीएम से ठोस कानून बनाने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। संसदीय कार्यालय के प्रमुख शिवशंकर पाठक ने बताया कि भीड़ की वजह से फरियादियों को गुरुवार को बुलाया गया है।

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