जश्न में डूबने को बेताब है वडोदरा, मिठाइयों और मुखौटों की धूम
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भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के चुनाव मैदान में उतरने से देशव्यापी सुर्खियों में आया वडोदरा जश्न में डूबने के लिए बेसब्री से मतगणना का इंतजार कर रहा है।
क्षेत्र के लोगों को न केवल मोदी के रिकार्डतोड़ जीत का भरोसा है, बल्कि मोदी के रूप में देश को दूसरा गुजराती प्रधानमंत्री देने का गौरव हासिल होने का भरोसा भी।
यही कारण है कि वडोदरा मे चारो तरफ ऐतिहासिक जश्न मनाने की तैयारी कुछ ज्यादा ही जोर शोर से चल रही है। बाजार में कमल के आकार की मिठाईयों के साथ-साथ मोदी के मुखौटों की जबर्दस्त धूम है।
पोस्टर और मुखौटों से अटा
मोदी के कटआउट, मुखौटे और पोस्टर बनाने वाले कलाकारों को बीते एक हफ्ते से सांस लेने की फुर्सत नहीं है।
मतगणना के नतीजे आने के साथ ही मोदी के स्वागत में शहर के वीआईपी रोड स्थित कायली बाग में ऐतिहासिक आतिशबाजी के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
मोदी ने भी नतीजे आने के बाद शहर में धन्यवाद रैली में शिरकत करने की पार्टी की जिला कमेटी के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है।
ऊर्जा मंत्री बोले जश्न मनाएगी जनता
मोदी के चुनाव प्रभारी और राज्य के ऊर्जा मंत्री सौरव पटेल कहते हैं कि जश्न पार्टी से भी ज्यादा जनता मनाएगी। क्योंकि उसे देश को प्रधानमंत्री देने का गौरव जो हासिल होना है।
मतगणना के एक दिन पहले वडोदरा शहर राजनीतिक चर्चाओं और जश्न मनाने की तैयारियों में व्यस्त है। राजनीतिक चर्चाओं में मोदी की जीत के प्रति दुविधा की जगह जीत के अंतर पर चर्चा है।
लोग वडोदरा में आजादी के बाद के पहले चुनाव से अब तक पड़े सबसे अधिक वोट का हवाला देते हुए मोदी के जीत का नया कीर्तिमान बनाने की बात करते देखे जा सकते हैं।
गुजरात का बनेगा प्रधानमंत्री
मंगल बाजार में रेडीमेड कपड़ों के व्यापारी गंगाराम पटेल कहते हैं पूरा शहर दोपहर से ही जश्न में डूब जाएगा, शायद ही आपको बड़े दुकान खुले नजर आएं।
कारण पूछने पर उनके पड़ोसी निर्मल पांड्या कहते हैं कि वडोदरा को पहला गुजराती प्रधानमंत्री देने का गौरव मिलेगा।
इस दौरान वह यह बताना नहीं भूलते कि मोरारजी देसाई गुजराती होने के बावजूद चूंकि मुंबई में रहते थे, इसलिए उन्हें खांटी गुजराती नहीं माना जा सकता। अलकापुरी, सियालीगंज, अकोटा, रावपुरा जैसे इलाकों का भी ऐसा ही हाल था।
मिठाईयों के पहले से दिए आर्डर
वडोदरा के बाजारों में घूमते हुई जश्न की ताबड़तोड़ तैयारियों को महसूस किया जा सकता है। मिठाई की दुकानें और प्रचार सामग्री बनाने वालों की व्यस्तता देखी जा सकती है।
वडोदरा के सबसे चर्चित एलआर स्वीट्स के मैनेजर दयानाथ बताते हैं कि वह लोगों की कमल के आकार की मिठाईयों की मांग पूरी नहीं कर पा रहे।
इसके लिए उन्हें बीते एक हफ्ते से कर्मचारियों की संख्या न केवल बढ़ाना पड़ा, बल्कि तीन शिफ्टों में काम भी कराना पड़ा। वहीं बीते चार दशकों से प्रचार सामग्री सप्लाई करने वाले व्यापारी भीमजी भाई मोदी के आभारी हैं।