फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   uttarakhand govt looks at sacking namdhari

पोंटी हत्याकांड में नामधारी का नाम, कुर्सी पर संकट

Tue, 20 Nov 2012 12:15 PM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Tue, 20 Nov 2012 12:15 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand govt looks at sacking namdhari

उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सुखदेव सिंह नामधारी का पद संकट में है। राज्य सरकार ने पोंटी चड्ढा और उसके भाई हरदीप की मौत के मामले में नामधारी का नाम आने के बाद मामले की छानबीन शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने पुलिस से प्रकरण की जानकारी तलब की है।

विज्ञापन


ऐसी खबरें आई हैं कि दिल्ली में फार्महाउस पर कब्जे को लेकर खूनी संघर्ष के दौरान सुखदेव सिंह पोंटी के साथ थे। इस दौरान सुखदेव सिंह का पीएसओ उत्तराखंड पुलिस का जवान सचिन त्यागी भी साथ था। सचिन ने पोंटी के भाई हरदीप को गोली मारी थी।   
विज्ञापन


भाजपा सरकार में उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद पर नामधारी नामित हुए थे। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में संकेत दिया कि नामधारी को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सूत्रों की मानें तो इस बारे में विधिक राय ली जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कानूनी अड़चनें नहीं होने पर सरकार नामधारी को उनके पद से हटाने की कार्रवाई कभी भी कर सकती है। फिलहाल सरकार को एसओजी और प्रदेश पुलिस की रिपोर्ट का इंतजार है। नामधारी पर तीन दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज होने के बाद भी अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने संबंधी सवाल पर सीएम ने कहा कि आदर्शों की बात करने वाली भाजपा ने ही नामधारी को नामित किया था।  

डीजीपी सत्यव्रत बंसल का कहना है कि फिलहाल रिपोर्ट मंगाई गई है, परीक्षण किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस की विवेचना में नामधारी का सुरक्षाकर्मी भी शामिल होगा। दिल्ली पुलिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।


नामधारी पर कई मामले दर्ज
बताया जा रहा है कि डीजीपी सत्यव्रत बंसल के आदेश पर सुखदेव सिंह नामधारी की हिस्ट्री के पन्ने पलटने शुरू कर दिए गए हैं। पूरा रिकॉर्ड पुलिस मुख्यालय मंगा लिया गया है। नामधारी पर गंभीर प्रकृति के दर्जन भर अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। महत्वपूर्ण ओहदे के कारण अब शासन के फैसले का इंतजार हो रहा है। आईजी लॉ एंड ऑर्डर रामसिंह मीणा के अनुसार इन मामलों में हत्या, हत्या का प्रयास और डकैती जैसे मुकदमे भी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed