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'मां, लोगों को निकाल लूं फिर तुझसे करूंगा बात'

Thu, 27 Jun 2013 12:12 AM IST
मदुरै/एजेंसी
मदुरै/एजेंसी Updated Thu, 27 Jun 2013 12:12 AM IST
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uttarakhand floods helicopter crash pilot praveen dead

उत्तराखंड की आपदा में फंसे लोगों को निकालने में अपनी जान गंवाने वाले जांबाज पायलट के. प्रवीण अब कभी भी अपनी मां से बात नहीं कर पाएंगे।

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गौरीकुंड के पास बचाव कार्य में लगे वायुसेना के एमआई-17 वी 5 हेलीकाप्टर के मंगलवार को दुर्घटनाग्रस्त होने से प्रवीण के घर दुखों का पहाड़ सा टूट पड़ा है।
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मंगलवार को सुबह पौने दस बजे प्रवीण ने काल कर कहा था कि मां पहले मैं आपदा में फंसे लोगों को निकाल लूं फिर शाम को तुझसे बहुत सारी बातें करूंगा। लेकिन अब वह इस दुनिया में नहीं है और मां को इंतजार है अपने होनहार बेटे की काल का। जो शायद अब कभी पूरी नहीं हो पाएगी।
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सबसे दुखद तो यह है कि जब वादे के मुताबिक प्रवीण की मां अपने बेटे की काल का इंतजार कर रही थी। तभी उसे मिली अपने दुलारे की मौत की खबर।

साहस की अनुपम यादों को छोड़ कर जाने वाला प्रवीण अपनी मां का इकलौता बेटा था। वह हमेशा से काम के प्रति जुनूनी था।

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प्रवीण के टीवीएस नगर स्थित घर में मातम का माहौल है। शोक में डूबी मां शकुंतला कहती हैं कि पायलट बन आकाश की ऊंचाई नापना जैसे उसका शगल हो गया था। वह हमेशा से सक्रिय था।

टाटा कंसलटेंसी में थोड़ी अवधि तक कार्य करने के बाद आखिरकार उसने वायुसेना में प्रवेश कर ही लिया था। सिसकती हुई शकुंतला ने बताया कि उसने मंगलवार सुबह पौने दस बजे मुझसे बात की थी।

तस्वीरों में: तबाही की निशानियां

उसने शाम को भी बात करने का वादा किया था। शाम को उसकी काल की बजाय आई उसकी मौत की खबर। हम लोग उसके लिए लड़की देख रहे थे लेकिन भाग्य को कुछ और मंजूर था।

दोस्त और रिश्तेदार अपने साहसी प्रवीण की यादों के साथ उसके घर में दुखी अभिभावकों को दिलासा दिला रहे हैं। थ्यागराजा इंजीनियरिंग कालेज मदुरै से बीई करने वाले प्रवीण ने बतौर पायलट बंगलूरू में वायुसेना ज्वाइन किया था।

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