10वीं/12वीं के छात्रों के लिए बेहद काम की है ये खबर
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2016 के लिए डाटा ऑनलाइन करने की तिथि बीते एक महीने से भी अधिक का समय बीत जाने के बाद भी बोर्ड के पास प्रदेश के दो हजार से अधिक स्कूलों का रिकार्ड नहीं पहुंचा है।
बोर्ड तक गाजीपुर, गोरखपुर, मथुरा, लखनऊ, कन्नौज, मुरादाबाद एवं मेरठ जिले सहित कई अन्य जिलों के दो हजार से अधिक विद्यालयों का दसवीं और बारहवीं के छात्रों का डाटा नहीं पहुंचा है।
यूपी बोर्ड की बार-बार चेतावनी के बाद भी स्कूलों से 20 अगस्त तक लाखों परीक्षार्थियों के दसवीं और बारहवीं का डाटा अपडेट नहीं किया जा सका। अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी बोर्ड इन विद्यालयों में पंजीकृत लाखों छात्र-छात्राओं के रिकार्ड अभी तक नहीं मिलने से परेशान यूपी बोर्ड शासन से अनुमति लेकर एक बार फिर से इन विद्यालयों को आवेदन का मौका दे सकता है।
यूपी बोर्ड सचिव शैल यादव का कहना है कि जो विद्यालय दसवीं-बारहवीं का डाटा समय से उपलब्ध नहीं कराए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति के साथ शासन से अनुमति लेकर परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जा सकता है।
परीक्षा समिति को केन्द्रों पर कार्रवाई में आ रहा पसीना
यूपी बोर्ड की ओर से 2016 की बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण, आरोपी केंद्रों पर कार्रवाई और ब्लैक लिस्टेड करने में परेशानी हो रही है।
शासन के दबाव में बोर्ड के अधिकारी एवं शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी निर्णय लेने से बच रहे हैं। बोर्ड की ओर से केंद्र निर्धारण की नीति शासन को भेजने के महीने भर से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक केंद्र निर्धारण नीति को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।
शासन की ओर से केंद्र निर्धारण की नीति को स्पष्ट नहीं किए जाने के कारण बोर्ड की परीक्षा समिति को पूर्व में ब्लैक लिस्टेड परीक्षा केंद्रों पर कार्रवाई करने में परेशानी हो रही है।