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सबसे ज्यादा यूपी के अफसर हैं सरकार के ‘शिकार’
नई दिल्ली/धीरज कनोजिया
Updated Sat, 31 Aug 2013 12:07 AM IST
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नोएडा की निलंबित एसडीएम दुर्गा शक्ति ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में कई अफसर ऐसे हैं, जो प्रदेश की सत्ता में काबिज रही अलग-अलग पार्टियों की सरकार के निलंबन के चाबुक के शिकार हो चुके हैं।
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दरअसल, 1990 से लेकर अब तक देश मे 175 से ज्यादा आईएएस अफसरों को निलंबन की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। इसमें से सिर्फ उत्तर प्रदेश से ही 100 से ज्यादा आईएएस अधिकारी हैं। आईएएस, आईपीएस और आईएफएस संघ ने केंद्र सरकार से अपनी शिकायत में यह बात कही है।
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दुर्गा शक्ति के अलावा 2003 के यूपी कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अजय मिश्रा, भारतीय वन सेवा से यूपी कैडर 1981 के उमेंद्र, 1986 के अतिबल सिंह, 1987 के प्रवीन राव और 1997 के डॉ बीसी ब्रह्मा जैसे कई नामों का जिक्र संघों ने खासतौर से किया है।
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संघ ने आरोप लगाया है कि इन अफसरों ने अपना कर्त्तव्य जिम्मेदारी से निभाया। मगर जिस तरह से उत्तर प्रदेश की सरकार ने इन अधिकारियों को निलंबित किया है। इससे देश की अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों का मनोबल टूट जाएगा और साथ ही काम करने का उत्साह भी कम हो जाएगा।
संघ की शिकायत में यह तथ्य सामने आया है कि सिर्फ मौजूदा सपा सरकार ही नहीं बल्कि पिछले 20-25 सालों में जिस पार्टी की सरकार का कब्जा उत्तर प्रदेश की सत्ता में हुआ है, उसी ने धड़ल्ले से अधिकारियों के निलंबन का काम किया है।
उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ अब अफसर खुल कर सामने आ गए हैं। राज्य सरकार के फैसले को लेकर देशभर के अफसरों में असंतोष फैल रहा है। आईएएस अफसरों के बाद अब आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों ने दुर्गा शक्ति मामले का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से संरक्षण मांगा है।
आईएएस संघ का कहना है कि ये तथ्य खुद ही खुलेआम बयान कर रहे हैं कि किस तरह राज्य सरकार ने अपनी शक्ति को बेजां इस्तेमाल करते हुए ईमानदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की।