यूपी बोर्ड:स्कूलों में प्रैक्टिकल कराए बिना हो रही परीक्षा
यूपी बोर्ड से जुड़े प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में इन दिनों प्रयोगात्मक परीक्षाएं चल रही हैं। स्कूलों में प्रैक्टिकल की पूरी सुविधा होने के बाद भी छात्रों को तय मानक के अनुरूप अभ्यास नहीं कराया गया।
बोर्ड की ओर से इंटरमीडिएट के छात्रों से कम से कम 20 अभ्यास प्रयोग कराना अनिवार्य है। इसके बाद भी स्कूलों में विद्यार्थियों को 10 अभ्यास प्रयोग भी नहीं कराए गए हैं। बोर्ड की ओर से परीक्षक बनाए गए शिक्षकों का कहना है कि मानक पूरा नहीं होने से परीक्षा कराना कठिन हो गया है।
प्रयोगात्मक परीक्षा को लेकर इस प्रकार की शिकायत पूरे प्रदेश से मिल रही है। प्रैक्टिकल न कराने वालों में राजकीय इंटर कॉलेजों के साथ प्रतिष्ठित स्कूल भी शामिल हैं।
बिना उपकरण करवा दिया प्रयोग
शहर के कुछ प्रमुख स्कूलों के विज्ञान शिक्षकों ने स्वीकार किया कि पूरे
साल छात्र कक्षाओं में आते ही नहीं तो अभ्यास प्रैक्टिकल कहां पूरे करेंगे।
शिक्षकों का कहना है कि स्कूल में प्रैक्टिकल के सभी उपकरण उपलब्ध हैं,
छात्र कक्षाओं में ही कम आते हैं, तो प्रैक्टिकल करने कहां आएंगे।
अब इन
छात्रों को बोर्ड की प्रैक्टिकल परीक्षा में परेशानी तो होगी ही। शहर के ही
एक शिक्षक ने बताया कि उपकरण तो हैं परंतु केमेस्ट्री और बायो के लिए
खरीदे जाने वाले सॉल्ट, एसिड, वनस्पति आदि की व्यवस्था नहीं होती है।
नए-नए
खुले स्ववित्त पोषित स्कूलों ने बोर्ड से मान्यता लेकर कक्षाएं चलाना तो
शुरू कर दिया परंतु इन स्कूलों के लैब में प्रयोग करने के लिए उपकरण उपलब्ध
नहीं हो सके हैं। इन विद्यालयों में छात्रों को प्रयोग के नाम पर मात्र
खानापूरी कर ली जाती है।