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'अब इस देश में सांस लेते हुए तकलीफ होती है'
कार्तिकेय तिवारी
Updated Mon, 22 Apr 2013 05:07 PM IST
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'अब इस देश में सांस लेते हुए तकलीफ होती है, कदम-कदम पर भ्रष्टाचार, डकैती, चोरी और अब दामिनी के बाद पांच साल की गुड़िया...बहुत हो चुका, अब सरकार जागनी चाहिए' यह कहकर अपने दिल की भड़ास निकाली सुनील सिंह ने।
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अकेले सुनील सिंह ही नहीं, बल्कि पूरे देश में दिल्ली में पांच साल की लड़की के साथ हुई दरिंदगी को लेकर गुस्सा है। ट्विटर व फेसबुक पर लगातार लोग आक्रोश भरी हुईं प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। सभी एक सुर से इस घटना को शर्मनाक बता रहे हैं।
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इस मामले को लेकर लोगों ने www.amarujala.com के फेसबुक पेज पर सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल उठाए हैं।
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एक यूजर दीपक राज वर्मा कहते हैं कि 5 वर्ष की बच्ची से हुई बर्बरता की खबर सुनकर पीएम की भावनाएं आहत होती हैं। मगर उनमें इतनी हिम्मत नहीँ कि देश को कम से कम न्याय का भरोसा ही दे सकें।
सत्ताधारी गठबंधन की मुखिया भी महिला हैं, हर बड़ी घटना के बाद वो गृहमंत्री से रिपोर्ट जरूर लेती हैं मगर शायद एक्शन लेना भूल जाती हैं। युवराज कहे जाने वाले नेताजी कुछ नहीं बोलते।
प्रियंका जैमिनी लिखती हैं कि कुछ नहीं होगा, आरोपी पकड़ा गया और खेल खत्म। शिंदे जी, बस 90 मिनट की बात है अभी आईपीएल मैच शुरु हो जाएगा और सब भूल जाएंगे। वैसे भी एक नेता कहते हैं भारतीयों को भूलने की आदत है। भूल जाएंगे।
शादाब जफर शादाब लिखते हैं कि दामिनी के दर्द को हम लोग अभी भूले भी नहीं थे कि दिल्ली ने फिर से एक ऐसा जख्म दिया जिसने देश की आत्मा को लहूलुहान कर दिया। पांच साल की बच्ची से रेप? आखिर इंसान कहा पहुंच गया है। समझ नही आ रहा, इंसान के इस पतन का कौन जिम्मेदार है?
आयशा खान का मानना है कि महिलाओं के प्रति सोच तो बदलनी जरूरी है साथ ही साथ कानून को भी सख्त करने की जरूरत है। ऐसे अपराध करने वालों को सरकारी वकील नहीं दिया जाना चाहिए। मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर आरोपी को फांसी दी जानी चाहिए, चाहे वह नाबालिग की क्यों ना हो।
नसीम बानो लिखती हैं कि देश शर्मिंदा है यह कह देने से काम नही चलेगा। अब दरिंदों को सड़क पर खड़ाकर सिर कलम करना होगा तभी ऐसे लोगों को डर महसूस होगा और ऐसी हरकत करने से पहले वह हजार बार सोचेंगे।
सूरज क्षत्रीय कहते हैं कि पहले हम सबको बदलना होगा क्योंकि ऐसे अपराधी हमारे समाज से ही आते हैं। हमें पहले अपने अंदर के शैतान को मारना होगा, तभी ऐसे रेप के मामले बंद होंगे।
सीएल धूसिया दिल्ली पुलिस की की कार्यशैली से नाराज हैं। वह लिखते हैं कि इनको रेहड़ी, खोमचा, पटरी, फूटपाथ पर काम करने वालों, अवैध निर्माण करने वालों और अपराधियों से सांठगांठ करने से पहले समय मिले तब तो ये कानून व्यवस्था बनाए रखने के बारे में सोचेंगे।
चंदन लटवाल गुड़िया की सेहत को लेकर फिक्रमंद हैं। वह ईश्वर से बच्ची के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करते हैं।