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'महाप्रलय आए भी तो डर नहीं, हम भोले के दर जाएंगे'

Sat, 29 Jun 2013 08:08 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 29 Jun 2013 08:08 AM IST
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'महाप्रलय आए तब भी भक्त बाबा भोले नाथ के दरबार मे जरूर जाएंगे। ये हमारी आस्था है...' ऐसा केवल राजेश पांडे ही नहीं लिखते, बल्कि उनके अलावा भी सैकड़ों फेसबुक यूजर्स का यही मानना है।

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गौरतलब है कि अमर उजाला.कॉम ने अमर उजाला की फेसबुक वॉल पर एक पोस्ट डालकर उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के दौरान आई आपदा और सरकार की अधूरी तैयारयों को लेकर यूजर्स की राय मांगी थी।
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पाठकों से पूछा गया था कि केदारनाथ की तरह अमरनाथ में भी कुदरत का कहर कब बरस जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। क्या हमें सरकार की तैयारियों पर ऐतबार है? अगर नहीं है, तो क्या हमें अमरनाथ यात्रा पर जाना चाहिए? आप क्या मानते हैं?
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इस पोस्ट पर आए यूजर्स के कुछ चुनिंदा कमेंट इस प्रकार हैं...

सरकार के पास कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है, वो तो हम उत्तराखंड में देख चुके हैं। आगे सब महादेव की मर्जी।
@मयंक तिवारी

अभी केदारनाथ की घटना को हुए ज्यादा दिन नहीं हुए, दूसरी तरफ अमरनाथ यात्रा होने जा रही है। जो लोग यात्रा में जा रहे हैं, वह उनकी आस्था है। सरकारी आपदा प्रबंधन इतना मजबूत नहीं है, अगर ऐसा कुछ होता है तो सरकार जिम्मेदार नहीं होगी।
@तारा चौधरी

धार्मिक आस्था है...सरकार सब्सिडी और सुरक्षा दे या ना दे...उससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता
@हरेश चौधरी

ये आस्था का विषय है और इस विषय पर तर्क और बहस करने से कोई निष्कर्ष नहीं निकलेगा। केवल लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी।
@परीक्षित कुमार त्रिपाठी

सभी अपनी-अपनी आस्था पर जाते हैं और लोग भगवान के घर मरना अपना सौभाग्य समझते हैं।
@सागर सक्सेना

मैं पूछना चाहता हूं कि क्या मरने वाले के साथ खुद भी मरा जाता है। ये जरूरी तो नहीं कि जो उत्तराखंड में हुआ वो अमरनाथ में भी होगा। भोलेनाथ में हमारी आस्था है।
@सुमित तिवारी

ये आस्था और विश्वास की बात है...क्या माता-पिता की डांट से नाराज होकर हम उनसे दूर भागते हैं...?
@योगेश शर्मा

महाप्रलय आए तब भी बाबा भोले नाथ के भक्त उनके दरबार मे जरूर जाएंगे। ये हमारी आस्था है...
@राजेश पांडे

बाबा के दर्शनों के लिए जाना चाहिए, जो होना है वो होगा ही, लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि हम भगवान पर से विश्वास उठा लें। जिसने हमें बनाया है, अगर वो हमें वापिस ले लेता है तो कोई बात नहीं।
@सैंडी सैनी

आस्था ही लेकर जाती है, मौत तो घर में भी आ सकती है। हम सरकार को टैक्स देते हैं, हमारी सुरक्षा सरकार का जिम्मा है। सब्सिडी नहीं दे लेकिन सुविधा तो देनी ही पड़ेगी।
@सनातन आर्य

इससे यह साबित होता है कि लोगों की आस्था भगवान के प्रति कम नहीं हुई है, बल्कि और भी बढ़ गई है।
@अरविंद कुमार राज

जो भगवान के यहां शरीर त्यागता है वो उस लोक में स्थान पाता है, जहां मोक्ष मिलता है। उन लोगों ने बहुत अच्छे कर्म किए होंगे जो ब्रह्म लोक में स्थान मिला
@रणवीर नेगी

जाको राखे साइंया, मार सके ना कोए...ये ईश्वर के प्रति आस्था और विश्वास की बात है। जो हुआ या जो होना है, सब उसी की मर्जी है। अमरनाथ जाने वालों पर भोलेनाथ की कृपा है।

@नीतीश सिंह ठाकुर

मेरा विचार है कि आस्था से बढ़कर कुछ नहीं है। शिव के पास जाने को अभी कितने लोग तरस रहे हैं...इसमें मौत का डर नहीं होता।
@नितिन मधेशिया

सरकार कोई भगवान नहीं है जो उसके सहारे तीर्थयात्रा पर जाएं। जो सच्ची आस्था के साथ जाएगा, उसपर भगवान महरबान रहते हैं ना कि सरकार।
@सौरभ कुमार राजपूत

अब तक आतंकवादियों का डर था, लेकिन अब कुदरत का कहर भी है। अब इनके डर से क्या इंसान भगवान की तीर्थयात्रा पर भी ना जाए?
@मिशा भारद्वाज

केदारनाथ में भोले बाबा ने प्रकृति पर किए गए जुल्म को आपदा के जरिए दिखा दिया और इसी बहाने कांग्रेस जैसी भ्रष्ट सरकार का चेहरा भी दिख गया। और भाजपा का भी जो इस आपदा के समय भी लोगों की जान बचाने के बजाय राजनीति कर रही थी। बाबा का चमत्कार ही है कि केदारनाथ का ज्योतिर्लिंग सलामत है।
@सिद्धार्थ ढाका

मारने वाला भी वो है और बचाने वाला भी वो ही है, फिर डरना किस बात का।
@कुमार पलविंदर

अगर मौत को आना ही है तो कभी भी आ सकती है। अगर डरकर जीने लगें तो लोग घर से निकलना छोड़ देंगे। सबकुछ उसके हाथ में है तो हमें डरने की क्या जरूरत है।
@विजय सविता

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