अमेरिका का यू-टर्न, 2 दिन में मोदी से मिलेंगी नैंसी
भारत में राजनीति के संभावित बदले रुख को भांप अमेरिका ने अब भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी से गिले शिकवे दूर करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
संबंध सुधारने की पहली कड़ी में भारत स्थित अमेरिका की राजदूत नैंसी पावेल संभवत: आगामी 13 फरवरी को गांधीनगर में मोदी से मुलाकात करेंगी। विदेश मंत्रालय ने मुलाकात कराने के लिए अमेरिकी दूतावास द्वारा आग्रह भेजे जाने और इसी हफ्ते नैंसी की मोदी से संभावित मुलाकात की पुष्टि की है।
माना जा रहा है कि इस मुलाकात में वीजा का मुद्दा नहीं उठेगा। मगर पावेल मोदी को इस संबंध में 9 साल पुराना बहिष्कार समाप्त करने का साफ संकेत जरूर देंगी।
अमेरिकी दूतावास का कहना है कि मुलाकात के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत होगी। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने वर्ष 2002 के सांप्रदायिक दंगों के मद्देनजर वर्ष 2005 में मोदी को वीजा देने से इनकार कर दिया था।
अमेरिका में भी मोदी को वीजा न देने का विरोध
अमेरिका के रुख में परिवर्तन का कारण आम चुनाव में मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने की जताई जा रही संभावना है। वैसे भी बीते कुछ महीनों से अमेरिका में ही मोदी को वीजा न दिए जाने के फैसले को गलत करार दिया जा रहा था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने पावेल-मोदी की प्रस्तावित मुलाकात की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि बीते दिनों अमेरिकी राजदूत ने एक राज्य की चुनी हुई संवैधानिक सरकार के मुखिया नरेंद्र मोदी से मिलने की इच्छा व्यक्त करते हुए इसकी व्यवस्था कराने का आग्रह किया था।
मंत्रालय ने राजदूत की इच्छा से मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत करा दिया है। मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि नैंसी पावेल आगामी बृहस्पतिवार को गांधीनगर में मोदी से मुलाकात करेंगी।
गुजरात दंगों के बाद से वीजा देने से इनकार
अमेरिका वर्ष 2002 के गुजरात दंगे के बाद से नरेंद्र मोदी को वीजा देने से इनकार करता रहा है। नैंसी पावेल की मुलाकात से साफ है कि अमेरिका भी अब नरेंद्र मोदी को लेकर अपनी नीति में बदलाव करने की कवायद शुरू कर रहा है।
यूरोपियन यूनियन, ऑस्ट्रेलिया और कुछ अन्य देश हवा का रुख देख पहले ही गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी से रिश्ते सुधारने की कवायद शुरू कर चुके हैं। इन देशों के राजदूत भी अपना बायकाट खत्म करते हुए मोदी से मुलाकात कर चुके हैं।