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अमेरिकी पैनल का सुझाव, मोदी के वीजा पर बैन रहे जारी

Thu, 02 May 2013 09:15 AM IST
नई दिल्ली/वाशिंगटन/एजेंसी
नई दिल्ली/वाशिंगटन/एजेंसी Updated Thu, 02 May 2013 09:15 AM IST
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us panel seeks continued visa ban on narendra modi

भारत में नरेंद्र मोदी के बढ़ते सियासी कद तथा पीएम बनाने की जोर पकड़ती मांग के बीच अमेरिका की ओर से उन्हें वीजा जारी करने की संभावनाओं को फिर झटका लगा है।

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धार्मिक आजादी से संबंधित अमेरिकी संसद के स्वतंत्र पैनल ने सुझाव देते हुए कहा है कि वाशिंगटन को गुजरात के मुख्यमंत्री पर वीजा बैन बरकरार रखना चाहिए।

यूएस कमीशन फॉर इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (यूएससीआईआरएफ) की अध्यक्ष कैटरीना लैंटॉस स्वेट ने कहा कि गुजरात में वर्ष 2002 के दौरान अल्पसंख्यक मुस्लिमों के खिलाफ हुई हिंसा में मोदी का हाथ होने के पक्के सबूत हैं। इसलिए उन्हें वीजा देना उचित नहीं होगा।
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यूएससीआईआरएफ ने अपनी रिपोर्ट में भारत को धार्मिक आजादी के मामले में टियर-2 श्रेणी में रखा है। इसमें शामिल अन्य देशों में अफगानिस्तान, अजरबेजान, क्यूबा, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान, लाओस और रूस का नाम शामिल है।
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2013 के लिए अपनी सालाना रिपोर्ट में यूएससीआईआरएफ ने इस बात का उल्लेख किया है कि मोदी एक मात्र ऐसे व्यक्ति हैं जिनपर धार्मिक स्वतंत्रता के प्रावधानों के तहत इतने लंबे वक्त से वीजा प्रतिबंध लगा है।

2002 गुजरात में हुए दंगों के चलते अमेरिका ने मार्च 2005 में मोदी पर वीजा प्रतिबंध लगाया था। इन दंगों में 1,100 से 2000 मुस्लिमों के मारे जाने का अनुमान है।

रिपोर्ट में बताया गया कि उसने नवंबर 2012 में तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को खत लिखकर मोदी पर वीजा प्रतिबंध जारी रखने का आग्रह किया था।


यूएससीआईआरएफ ने अमेरिकी विदेश विभाग को सलाह दी है कि वह बर्मा, चीन, एट्रिया, ईरान, उत्तर कोरिया, सऊदी अरब, सूडान और उजबेकिस्तान की श्रेणी में बदलाव करते हुए इन्हें कंट्रीज ऑफ पर्टीकुलर कंसर्न (सीपीसीएस) में शामिल करे।

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