अमेरिका में उठी मांग, पाकिस्तान को मत बेचो हथियार
अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान को आतंकवाद को समर्थक देश करार देते हुए उसे होने वाले हथियारों की आपूर्ति पर रोक लगाने की मांग की है। सांसदों का कहना है कि ऐसे देश को हथियार कैसे बेचे जा सकते हैं जो लगातार आतंकवाद को समर्थन दे रहा है।
सांसदों ने पाकिस्तान को 'मुखबिर' करार देते हुए कहा कि 2011 में जब एबटाबाद में गुप्त मिशन चलाकर आतंकी ओसामा बिन लादेन को मारा गया तो उस वक्त पाकिस्तान को क्यों नहीं बताया गया। इसका साफ मतलब है कि उस पर अमेरिका को भरोसा नहीं था।
यह पूरा मामला उस वक्त का है कि जब कैलिफोर्निया के सैन बर्नार्डिनो में हुए हमले को लेकर हाऊस ऑफ रिप्रेंजेटेटिव की बैठक हो रही थी। इस बैठक के दौरान सांसदों ने हमले में संलिप्त तशफीन मलिक और उसके पति सैयद रिजवान के पाकिस्तानी मूल के होने का मुद्दा भी उठाया। कैलिफोर्निया हमले में 14 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे।
एफ-16 लड़ाकू विमान बेचने की तैयारी
बैठक के दौरान एक रिपब्लिकन सांसदों ने कहा कि हमें पाकिस्तान को हथियार बेचने के बारे में काफी गंभीरता से सोचने की जरूरत है। सांसदों ने यह भी कहा कि 11 सितंबर 2011 में ओसामा बिन लादेन पर हुए कार्रवाई के बाद से पाकिस्तान के साथ अब तक करीब 30 अरब डॉलर के हथियार बेचे जा चुके हैं।
गौरतलब है कि ओबामा सरकार ने हाल ही में पाकिस्तान को आठ नए एफ-16 विमान बेचने का फैसला किया है जिनमें से हर एक की कीमत करीब 165 करोड़ डॉलर है। ओबामा सरकार के इसी फैसले को लेकर रिपब्लिकन सांसदों ने पाकिस्तान को हथियार बेचे जाने का विरोध किया है।
सांसदों ने यह भी कहा कि हम उस देश को पैसा दे रहे हैं जो लगातार नुकसान पहुंचाने वाले कामों में लिप्त है। इसमें कोई शक नहीं कि पाकिस्तान आंतकवाद को समर्थन दे रहा है और यह बात किसी से छुपी नहीं है।