अमेरिका ने भारतीय फौज से सीखा संयम और न्यूनतम बल प्रयोग का मंत्र
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अमेरिका के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास में शिरकत कर रहे भारतीय फौजियों ने अमेरिकी सैन्य नेतृत्व को अपने उच्च पेशेवर कौशल खासतौर पर ‘अधिकतम संयम और न्यूनतम बल प्रयोग’ के सिद्धांत से प्रभावित किया है। यह जानकारी इस अभ्यास में शामिल शीर्ष अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने दी।
‘युद्ध अभ्यास’ शृंखला के 11वें अभ्यास में अमेरिकी फौजियों ने आतंकवादियों से निपटने के समय भारतीय फौजियों से ‘अधिकतम संयम और न्यूनतम बल प्रयोग’का मंत्र सीखा । इस तरह के सैन्य अभ्यास का आगाज 2004 में हुआ था।
23वीं इंफेंट्री की चौथी बटालियन के लेफ्टिनेंट कर्नल टैडी क्लिजनर ने बताया, ‘हमने भारतीय फौजियों से जो सबसे अहम मंत्र सीखे हैं उनमें ‘अधिकतम संयम और न्यूनतम बल के प्रयोग का सिद्धांत शामिल है।’
संयुक्त सालाना अभ्यास में अमेरिकी फौजियों का नेतृत्व कर रहे क्लिजनर ने कहा, ‘मैंने और मेरी साथी अमेरिकी फौजियों ने घुसपैठ रोधी बाड़ लगाने के बारे में सीखा जो कि
भारत की सरहदों पर हैं।’
दोनों देशों के फौजियों ने किया संयुक्त अभ्यास
भारत-अमेरिकी संयुक्त सैन्य अभ्यास में जोर दोनों मुल्कों की फौज के बीच सहयोग और मजबूती देने पर दिया गया। भारत के डेढ़ सौ फौजियों के दल का नेतृत्व कर रहे ब्रिगेडियर गुलजीत सिंह जामवाल समग्र युद्ध अभ्यास के मिशन कमांडर हैं।
आई कोर जॉइंट बेस लुइस मैकॉर्ड के कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल स्टीफन आर. लैंजा ने कहा कि अमेरिका ने भारतीय फौजों से बहुत कुछ सीखा। क्लिजनर ने कहा, ‘ इस साल का युद्ध अभ्यास संयुक्त राष्ट्र की अगुवाई में शांति अभियानों पर केंद्रित है।
भारत और अमेरिका के फौजियों ने हथियारों को चलाने का साथ साथ अभ्यास किया। हमने साथ साथ रणनीति पर भी चर्चा की।