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सहिष्णुता और विनम्रता को अमल में लाए भारत: अमेरिका

Fri, 16 Oct 2015 01:19 AM IST
Updated Fri, 16 Oct 2015 01:19 AM IST
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US advices India to bring tolerance and humility in practice

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दादरी कांड को दुर्भाग्यपूर्ण बताए जाने के अगले दिन अमेरिका के धार्मिक स्वतंत्रता संबंधी मामलों के एक राजनयिक ने कहा है कि उनका देश मोदी सरकार को देशभर में ‘सहिष्णुता और विनम्रता’ के आदर्शों को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

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दादरी के बिसाहड़ा गांव में गोमांस खाने की अफवाह में एक मुस्लिम व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या की घटना के 16 दिन बाद पीएम ने उसकी निंदा की थी।

अंतरराष्ट्रीय धार्मिक आजादी के लिए अमेरिकी राजदूत डेविड सैपरस्टीन ने कहा कि गोमांस के विवाद में घटी इस घटना के बाद प्रधानमंत्री ने विभिन्न समुदायों के बीच विनम्रता एवं सहिष्णुता का आह्वान किया है। हम इन आदर्शों को देशभर में हकीकत में तब्दील करने के लिए प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को प्रोत्साहित करेंगे।
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वर्ष 2014 के लिए अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर कांग्रेस की रिपोर्ट जारी करने के मौके पर भारत के बारे में पूछे गए सवालों पर सैपरस्टीन ने ये जवाब दिए।
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'हम आकलन नहीं करते, सिर्फ तथ्य पेश करते हैं'

US advices India to bring tolerance and humility in practice

रिपोर्ट में भारत वाले खंड में 26 मई 2014 तक यूपीए सरकार के शासन का जिक्र है। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2014 में भारत में धर्म को लेकर हत्या, गिरफ्तारी, दंगे और जबरन धर्मांतरण जैसी घटनाएं हुईं और कुछ मामलों में पुलिस सांप्रदायिक हिंसा से कारगर तरीके से निपटने में नाकाम रही।

सैपरस्टीन से खास तौर पर मोदी सरकार के शासन में धार्मिक स्वतंत्रता के बारे में पूछा गया। इस पर उनका जवाब था हम आकलन नहीं करते, सिर्फ तथ्यों को पेश करते हैं। हम चाहते हैं कि रिपोर्ट खुद सच्चाई पेश करे।

इसके साथ ही अमेरिकी राजनयिक ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा जनवरी में नई दिल्ली के सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम में धार्मिक स्वतंत्रता और सहिष्णुता के महत्व पर दिए गए भाषण का भी जिक्र किया। सैपरस्टीन ने कहा कि ओबामा जब वहां गए थे तो उन्होंने धार्मिक आधार पर बनी दूरियों को खत्म करने पर जोर दिया था।

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