फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   uproar in parliament over telangana

'हम भेड़-बकरी नहीं, सांसद हैं मैडम स्पीकर'

Wed, 19 Feb 2014 07:49 AM IST
Updated Wed, 19 Feb 2014 07:49 AM IST
विज्ञापन
uproar in parliament over telangana

तेलंगाना बिल पारित कराने के दौरान लोकसभा का माहौल बेहद तनावपूर्ण था। गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे सांसदों के सुरक्षा घेरे में थे तो किसी भी तरह की अनहोनी को टालने के लिए सदन के सभी दरवाजे बंद कर दिए गए थे।

विज्ञापन


बिल पारित कराने के दौरान सदन में खासतौर से छोटे दलों के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ जमकर टीका टिप्पणी की तो कई सदस्य चुटकी लेने से भी बाज नहीं आए।

खासतौर पर जब स्पीकर ने संशोधनों पर फैसला करने के लिए मतविभाजन के बदले ध्वनि मत का रास्ता अपनाया तो तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत राय अपना आपा खो बैठे।
विज्ञापन


उन्होंने चिल्ला कर कहा, ‘मैडम स्पीकर हम लोकसभा में बैठे सांसद हैं, भेंड़-बकरी नहीं कि सिर गिनने की नौबत आए।’

'शिंदे साहब, देश की रक्षा कैसे करोगे'

uproar in parliament over telangana

इससे पहले शिंदे पर हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने जोरदार चुटकी ली। उन्होंने कहा कि शिंदे साहब आप तो संसद में भी सुरक्षा घेरे में बैठे हो, देश की रक्षा कैसे करोगे।

इस दौरान भाजपा-कांग्रेस की मिलीभगत पर चुटकी लेने के लिए तृणमूल कांग्रेस ने नारों का सहारा लिया। इस दल के सदस्यों ने ‘सोनिया-सुषमा का जोड़ा है-आज का दिन काला है, राहुल-मोदी भाई-भाई’ जैसे कई नारे लगाए।

इस दौरान सदन का दरवाजा बंद होने पर शरद यादव हतप्रभ और गुस्से से भरे दिखे। उन्होंने कहा कि पूरे संसदीय जीवन में न तो ऐसा कभी देखा और न ही कभी सुना।

सांसदों के सुरक्षा घेरे में थे शिंदे-सोनिया

uproar in parliament over telangana

तेलंगाना बिल पारित कराने पर आमादा सरकार की तैयारी देखते ही बनती थी। शिंदे सुरक्षा कवच में थे तो कई सांसद किसी अनहोनी को टालने के लिए सोनिया के सामने भी घेरा डाले खड़े थे।

सदन के दरवाजे बंद होने की जानकारी मिलते ही शरद, मुलायम सिंह यादव, बासुदेव आचार्य जैसे वरिष्ठ सदस्य बेहद नाराज दिखे। इन सदस्यों ने लगभग एक घंटे तक अपनी बात रखने की असफल कोशिश की। स्पीकर ध्वनिमत से संशोधनों पर फैसला करती रहीं और विपक्ष लगातार विरोध जताता रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed