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भारतीय सैनिकों की हत्याः सड़क से संसद तक उबाल
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 06 Aug 2013 08:09 PM IST
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जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में पाकिस्तानी सेना के घात लगा कर किए गए हमले में पांच सैनिकों के मारे जाने की घटना से देश गुस्से में है। इस घटना की गूंज मंगलवार को सड़क से संसद तक सुनाई पड़ी।
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नाराज लोगों ने देश भर में पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर अपना रोष प्रकट किया और करारा जवाब देने की मांग की। इधर, संसद के दोनों सदनों में भी इस मुद्दे पर भारी हंगामा हुआ।
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पाकिस्तान संबंधी नीति को ले कर सरकार पर विपक्ष के साथ-साथ सहयोगी दलों ने भी हमला बोला और माकूल जवाब देने की मांग की।
इस मुद्दे पर लगातार हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित हुई। हंगामा तब और बढ़ गया जब रक्षा मंत्री एके एंटनी ने हमला करने वालों को पाकिस्तानी सेना की वर्दी में आतंकवादी बता दिया।
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विपक्ष ने इसे पाकिस्तान को क्लीन चिट करार देते हुए भारी हंगामा खड़ा कर दिया। बाद में चौतरफा घिरी सरकार ने कहा कि सेना ऐसे करतूतों का माकूल जवाब देने के लिए न केवल सक्षम है, बल्कि तैयार भी है।
मंगलवार को इस मुद्दे पर सपा और विपक्ष के हंगामे के कारण प्रश्नकाल स्थगित करना पड़ा। बाद में शून्यकाल के दौरान सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला।
उन्होंने इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सब्र की इंतहा हो गई है। पाकिस्तान जैसा अदना सा देश हमें आंखें दिखा रहा है, तो चीन 14 किलोमीटर अंदर आ कर हमें चेतावनी देता है।
आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?
सपा मुखिया ने पूछा कि लश्कर ए ताइबा के मुखिया हाफिज सईद के पीओके में आने की खबर मिलने के बाद भी सरकार क्यों नहीं जागी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि चीन भारत पर हमला करने के लिए तैयार है और इस मामले में उसकी पाकिस्तान से मिलीभगत है।
सपा मुखिया ने पूछा कि जब हमारी सेना और देश मजबूत है, सारे दल सरकार के साथ खड़े हैं, तब सीमा की रक्षा में मामले में ऐसा क्यों हो रहा है?
सरकार की कमजोर नीतियों का नतीजा
इसी मुद्दे पर भाजपा के यशवंत सिन्हा ने भी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सरकार की रक्षात्मक नीति पाकिस्तान को शह दे रही है।
इसी कारण जनवरी में सैनिक का सिर काट कर ले जाने के बाद अब पाकिस्तान के सैनिकों ने हमारे पांच सैनिकों की जान ले ली। बीते छह महीने में 80 बार सीज फायर का उल्लंघन भी सरकार की ढुलमुल नीतियों का ही नतीजा है।
उन्होंने पाकिस्तान को जैसे को तैसा के अंदाज में जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो ऐसी घटनाएं होती रहेंगी।
'हमने चूड़ियां नहीं पहन रखी है'
इस दौरान उन्होंने तल्ख लहजे में पूछा कि कांग्रेस को यह साफ कर देना चाहिए कि उसका हाथ भारत के साथ है या पाकिस्तान के साथ।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री फारूख अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को सीधी चेतावनी दे डाली। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमारी सेना के सब्र का इम्तिहान लेने की जुर्रत न करे और यह समझ ले कि हमने चूड़ियां नहीं पहन रखी है।