फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   uproar in parliament

'रेल' और 'कानून' के भंवर में फंसा खाद्य सुरक्षा बिल

Tue, 07 May 2013 02:48 PM IST
नई दिल्ली/ इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/ इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 07 May 2013 02:48 PM IST
विज्ञापन
uproar in parliament

रेल मंत्री पवन कुमार बंसल और कानून मंत्री अश्वनी कुमार के इस्तीफे पर अड़े विपक्ष के हंगामे के कारण खाद्य सुरक्षा बिल आज भी संसद में पेश नहीं हो पाया।

विज्ञापन


वहीं खाद्य सुरक्षा बिल पर वाम और तृणमूल कांग्रेस के समर्थन के वादे से सरकार को थोड़ी राहत जरूर मिली है। हालांकि सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि वो इस बिल पर सदन में चर्चा चाहते हैं और उनकी पार्टी इस बिल पर कुछ संशोधन भी पेश करना चाहती है। 
विज्ञापन


आज जैसे ही सदन की कार्रवाई शुरू हुई विपक्षी दल के सदस्यों ने दोनों मंत्रियों के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी। विपक्ष का कहना था कि जब तक दोनों मंत्री इस्तीफा नहीं दे देते, सदन में कामकाज नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज पहले ही कह चुकी हैं कि जब तक दोनों मंत्री इस्तीफा नहीं देते तब तक सदन में कोई कामकाज नहीं होने दिया जाएगा।

सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार जबरदस्ती कोई भी बिल पास नहीं करा सकती।

इससे पहले समाजवादी पार्टी ने भी कड़ा रुख अपना लिया है और वो पहले ही कह चुकी है कि जब भी कांग्रेस के किसी मंत्री पर आरोप लगते हैं तो वह उन्हें बचाने का काम करती है। सपा ने भी दोनों मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की है।

इस बीच कांग्रेस पार्टी ने खाद्य सुरक्षा विधेयक के लिए अपने सांसदों को ह्विप भी जारी कर दिया है।

संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ और उनके जूनियर राजीव शुक्ला ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा विधेयक को पारित कराने में अड़चन ख़ड़ी कर विपक्ष गरीबों के खिलाफ काम कर रहा है।


12 बजे के बाद लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरु होने पर भाजपा सदस्यों ने फिर दोनों मंत्रियों के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा शुरु कर दिया। लिहाजा लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की कार्यवाही आज दिन भर के लिए स्थगित कर दिया।

वहीं, राज्य सभा में विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद जब बांग्लादेश से जमीन समझौता विधेयक पेश करने आए तो असम गण परिषद के सदस्यों ने उनसे बिल छीनने की कोशिश की। हंगामे के कारण राज्य सभा की कार्यवाही भी दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed