सांप्रदायिक हिंसा पर सियासत, लोकसभा में हंगामा
सांप्रदायिक हिंसा को लेकर एक तरफ मोदी सरकार कांग्रेस के निशाने पर है तो दूसरी तरफ लोकसभा में सांप्रदायिक हिंसा बिल पर हंगामा जारी है।
कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में सोनिया ने फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा तो मल्लिकाजुर्न खड़गे ने लोकसभा में देश में बढ़ती हिंसा पर चर्चा की मांग की। इस मांग को लेकर लेकर कांग्रेस ने सदन में हंगामा किया।
सांप्रदायिक हिंसा बिल पर चर्चा से पहले कांग्रेस स्थगन प्रस्ताव के जरिये देश में बढ़ रही सांप्रदायिक हिंसा पर चर्चा कराना चाहती है।
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि उनकी पार्टी सांप्रदायिक हिंसा पर चर्चा कराना चाहती है लेकिन सरकार इस पर कोई जवाब नहीं दे रही है।
उन्होंने स्पीकर से भी सवाल किया कि सांप्रदायिक हिंसा पर चर्चा को सूची में आखिर में क्यों रखा गया है। स्पीकर सुमित्रा महाजन ने इस मुद्दे पर बहस का आश्वासन दिया लेकिन कांग्रेस उनके आश्वासन से संतुष्ट नहीं।
सोनिया के निशाने पर मोदी सरकार
सोनिया गांधी ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मोदी राज में सांप्रदायिक हिंसा बढ़ी है। वे कांग्रेस संसदीय दल की बैठक को संबोधित कर रही थीं।
संसदीय दल की बैठक में सोनिया गांधी ने कहा कि हमें अपने अंदरूनी मतभेद खत्म कर पार्टी को एक बार फिर सत्ता में लाने की कोशिश में जुट जाना चाहिए।
सोनिया गांधी ने अपने सांसदों से कहा कि हम पलटवार करेंगे। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार की अपनी कोई नीति नहीं है। वो हमारी सरकार की नीतियों को ही आगे बढ़ा रही है।
बीजेपी ने किया पलटवार
सोनिया गांधी के बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि दंगों के दबंग अब दंगल कर रहे हैं।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने सोनिया गांधी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कांग्रेस ही बंटवारे की राजनीति करती है।
बीजेपी सांसद कीर्ति आजाद ने भी कांग्रेस पर पलटवार किया और उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा दंगे कांग्रेस के राज में हैं। भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोनिया और ममता बनर्जी ही बंटवारे की राजनीति करती है।