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विवादित फैसले, क्या व्यापम की राह पर UPPSC?

Wed, 22 Jul 2015 08:49 AM IST
Updated Wed, 22 Jul 2015 08:49 AM IST
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UPPSC takes Controversial decision.

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में एक के बाद एक विवादित फैसलों ने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। इससे अफसरों की मंशा पर भी सवाल उठने लगे हैं।

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भर्तियों में एक तरफ पारदर्शिता की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर लोक सेवा आयोग में गोपनीयता के नाम पर अभ्यर्थियों के अधिकार छीने जा रहे हैं।

हालिया आदेश के तहत अंतिम रूप से चयनितों के नाम भी आयोग अब नहीं बताएगा। मार्कशीट देखने की प्रक्रिया भी जटिल कर दी गई है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि आयोग ऐसे फैसलों से क्या छिपाना चाहता है।
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संघ लोक सेवा आयोग अब चयनित अभ्यर्थियों के साथ उनकी फोटो भी जारी करता है। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने तो सफल अभ्यर्थियों के नाम और फोटो के साथ पता और अन्य डिटेल जारी करने का भी निर्णय लिया है। इसके उलट उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में चयनितों के नाम तक छिपाए जा रहे हैं।
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आयोग में इसी साल 22 अप्रैल को निर्णय लिया गया कि परिणाम सिर्फ अनुक्रमांक और पंजीयन के आधार पर घोषित किए जाएंगे। इतना ही नहीं मार्कशीट में भी अभ्यर्थी का नाम नहीं होगा। इस आधार पर कई भर्ती परीक्षाओं के  नतीजे भी घोषित हो चुके हैं।

यहां मार्कशीट देखना भी चुनौती

UPPSC takes Controversial decision.

इससे पहले आयोग ने नतीजे और मार्कशीट देखने के लिए वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) व्यवस्था लागू की ताकि कोई दूसरा अंकपत्र न देख सके। इसके बाद भी अभ्यर्थी नतीजे जानने में सफल हो गए तो आदेश जारी किया गया कि परिणाम में जाति का उल्लेख नहीं किया जाएगा।

अब रोल नंबर के आधार पर नतीजे घोषित करने का आदेश हुआ है। इसके अलावा इंटरव्यू में नंबर देने, नए जिलों को केंद्र बनाने, केंद्र निर्धारण प्रक्रिया सहित कई बदलाव हुए हैं, जिन्हें लेकर प्रतियोगियों को आपत्ति है और इसके खिलाफ वे हर तरह से लड़ रहे हैं।

जला दी पीसीएस की कॉपी
आश्चर्यजनक यह कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में पीसीएस-2012 की कॉपियां जला दी गईं। आयोग ने आरटीआई के तहत मांगे गए जवाब में खुद यह जानकारी दी है। खास यह कि इससे पहले उत्तर पुस्तिकाओं को रद्द करने की नियमावली भी संशोधित की गई।

गौर करने वाली बात यह भी है कि पीसीएस-2011 समेत आयोग की पिछली सभी भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रतियोगियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर रखी है। इसके बावजूद कॉपियां जला दी गईं। एक अन्य आरटीआई पर आयोग ने बताया है कि कॉपियां एक साल तक रखी जा सकती हैं। इसे रद्द करने का फैसला सचिव स्तर पर लिया जाता है।

गलत जवाब बने हुए हैं यक्ष प्रश्न

UPPSC takes Controversial decision.

पीसीएस-जे प्रारंभिक परीक्षा में 17 प्रश्नों के उत्तर बदलने पड़े। अभ्यर्थियों की आपत्ति के बाद नतीजे भी संशोधित करना पड़ा। पीसीएस-2013 में कई मेधावी अभ्यर्थियों का चयन गलत जवाब की वजह से नहीं हो सका। अभ्यर्थी न्यायालय में गए तो उन्हें बताया कि गलत प्रश्न और गलत जवाब रखने वाले एक्सपर्ट डिबार कर दिए गए हैं।

आयोग की ओर से यह भी आदेश जारी किया गया कि अब रिजल्ट के साथ संशोधित आंसर की भी जारी की जाएगी। इसके बाद भी गलत प्रश्न और जवाब का यह सिलसिला पीसीएस की अगली भर्तियों, आरओ-एआरओ आदि में भी जारी रहा।

इन भर्तियों में अभ्यर्थियों की आपत्ति के बाद 13-13 प्रश्नों के जवाब बदलने पड़े। खास यह कि आयोग की ओर से सोमवार को आरओ-एआरओ-2014 प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया लेकिन घोषणा के बावजूद संशोधित आंसर की जारी नहीं हुई। इससे अभ्यर्थियों में रोष है।

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