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यूपीए सरकार ने की सबसे बड़ी सियासी 'सर्जरी'

Sun, 28 Oct 2012 11:44 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 28 Oct 2012 11:44 PM IST
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UPA's biggest political 'surgery' completed
यूपीए-दो सरकार की सबसे बड़ी ‘कैबिनेट सर्जरी’ को अंजाम देते हुए प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह ने रविवार को काफी हद तक मंत्रिमंडल का चेहरा बदल दिया। 2014 के चुनावी लक्ष्य के साथ राज्यों का सियासी संतुलन दुरुस्त करने के लिए इस फेरबदल में 17 नए चेहरों के साथ 22 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इसमें दो नए चेहरों के साथ सात कैबिनेट मंत्री और दो स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री शामिल हैं। राष्ट्रपति भवन के अशोक हॉल में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नए मंत्रियों को शपथ दिलाई।
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फेरबदल में कैबिनेट के कुछ दिग्गजों के विभागों में भी बदलाव किया गया है। 10 मंत्रियों को तरक्की दी गई है। सलमान खुर्शीद नए विदेश मंत्री बनाए गए हैं तो पवन बसंल रेल मंत्री। स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहला मौका है जब अल्पसंख्यक समुदाय का कोई नेता देश का विदेश मंत्री बना है। खुर्शीद ने रविवार को ही पदभार संभाल लिया।
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सात नए कैबिनेट मंत्रियों में चंद्रेश कुमारी और के रहमान खान नया चेहरा हैं। जबकि हरीश रावत, अजय माकन, दिनशा पटेल, अश्विनी कुमार और पल्लम राजू को राज्यमंत्री से पदोन्नत करते हुए कैबिनेट दर्जा दिया गया है। मनीष तिवारी और चिरंजीवी जहां स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री के रूप में पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल किए गए हैं। वहीं युवा चेहरों ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट, भरत सिंह सोलंकी, जितेन्द्र सिंह के साथ मुनियप्पा को प्रमोशन देते हुए स्वतंत्र प्रभार का मंत्री बनाया गया है।
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सरकार की छवि बदलने के लिए इस फेरबदल में ‘भविष्य की टीम राहुल’ का वर्चस्व होने की सियासी चर्चा जोरों पर थी। मगर बदलाव में अनुभव और युवाओं का मिश्रण देखते हुए फेरबदल को टीम राहुल की छाया ही कहा जाएगा। वैसे बाद में जर्नादन द्विवेदी ने मीडिया से साफ कहा कि कांग्रेस में राहुल गांधी ही अपनी मां सोनिया के बाद नंबर दो नेता हैं।

जानकारों के अनुसार यह फेरबदल पूरी तरह अलग अलग राज्यों के कांग्रेसी नेताओं को संतुष्ट करने का प्रयास नजर आया। जिसमें सबसे ज्यादा तवज्जो आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान को मिली। कांग्रेस को एक झटका जरूर लगा कि यूपीए घटक डीएमके ने इस फेरबदल में कोई रुचि नहीं दिखाई और दो मंत्री पद रिजर्व रहने के बावजूद वह इससे दूर रहा।

शपथ समारोह की झलकियां-
काटे नहीं कटे लम्हे इंतजार के
संस्कृति मंत्री के रूप में पहली बार कैबिनेट में शामिल हुईं चंद्रेश कुमारी के लिए इंतजार करना शायद काफी मुश्किल हो रहा था, इसलिए वह कार्यक्रम में करीब पौने घंटे पहले ही पहुंच गईं। उस समय राष्ट्रपति भवन के अशोक हॉल में कुर्सियां रखी ही जा रहीं थीं। दूसरी ओर डी पुरंदेश्वरी का दावा फुस्स हो गया। उन्होंने एक दिन पहले खुद ही कैबिनेट मंत्री बनाए जाने का दावा किया था, लेकिन वह सिर्फ दर्शक ही बनीं रहीं।

हिंदी ने किया मंत्री जी को नर्वस
अरुणाचल प्रदेश के सांसद निनोंग इरिंग और कोलकाता से सांसद दीपादास मुंशी की शुद्ध हिंंदी और स्पष्ट उच्चारण पर तो अशोक हॉल में खूब तालियां बजीं। मगर आंध्र प्रदेश के सांसद पी बलराम नायक थोड़ा नर्वस हो गए। हिंदी में शपथ लेने के लिए उन्हें खासी मेहनत करनी पड़ी। यहां तक कि राष्ट्रपति ने भी सही उच्चारण में उनकी मदद की। हालांकि उनके प्रयास को काफी सराहा गया, लेकिन वह इतने नर्वस हो गए कि मंत्रिमंडल रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए बिना ही आगे बढ़ गए। उन्होंने वापस आकर हस्ताक्षर किए।

सुनंदा के आगे सब फीके
यूं तो कई मंत्रियों के परिवार के सदस्य शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित थे। लेकिन शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर के आगे सब फीके रह गए। सूचना प्रसारण मंत्री बने मनीष तिवारी की पत्नी और बेटी शपथ के तत्काल बाद चुपचाप वहां से चलीं गईं। जबकि सुनंदा के इर्द-गिर्द मिलने वालों का जमघट लगा रहा। स्वतंत्र प्रभार के रुप में प्रमोशन पाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया किशोरवस्था में कदम रख रहे अपने पुत्र के साथ बेहद खुश दिखाई दिए।

मीडिया की लंबी नाक
वित्तमंत्री पी चिदंबरम और संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कैबिनेट फेरबदल को लेकर मीडिया की अधिकांश खबरों के सही साबित होने की तारीफ की। चिदंबरम ने कहा कि पत्रकार वाकई खबर को सूंघ सकते हैं। कमलनाथ ने कहा कि शनिवार को पीएम का फोन आए पंद्रह मिनट भी नहीं बीते थे कि मीडिया को इसकी भनक लग गई।


सचिन पायलट को ढूंढती रहीं सोनिया
शपथ के बाद चाय-नाश्ते के दौरान सोनिया गांधी को अचानक सचिन पायलट से कुछ कहने की याद आई। मगर जब सचिन कहीं दिखे नहीं तो वह हॉल की भीड़ में ही सचिन किधर हैं कहते हुए खुद ही ढूंढ़ने लगीं। सोनिया उनके पास पहुंची और महज मिनट भर में ही अपनी बात कह दी, जिस पर सचिन सहमति में सिर हिलाते नजर आए।
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