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अन्ना और जनरल की हुंकार, संसद भंग कर हों चुनाव

Mon, 29 Oct 2012 11:27 PM IST
मुंबई/अमर उजाला ब्यूरो
मुंबई/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 29 Oct 2012 11:27 PM IST
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Upa must face public dissolving parliament says vk singh

समाजसेवी अन्ना हजारे और पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह ने सोमवार को यूपीए सरकार पर जमकर हमला बोला। दोनों ने संसद को भंग कर तुरंत चुनाव प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। सिंह के साथ बैठे अन्ना ने कहा कि हम दोनों ही पूर्व फौजी रहे हैं और देश की सीमा पर देश के दुश्मनों से जंग लड़ी है लेकिन अब समय आ गया है कि देश के अंदर बैठे दुश्मनों के साथ लड़ा जाए।

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सोमवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए अन्ना ने कहा कि इस संसद को भंग करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। मौजूदा सरकार देश को चलाने लायक नहीं रही है। यह सरकार कोई भी काम संविधान के मुताबिक नहीं कर रही है। मंत्रिमंडल फेरबदल पर उन्होंने कहा कि यह देश को भ्रमित करने के लिए किया गया है।
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अन्ना और जनरल सिंह ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि यूपीए सरकार बाजार और निजी कंपनियों के आगे समर्पण कर चुकी है। इस सरकार को आम जनता की कोई चिंता नहीं है। लेकिन यह देश की जनता का अधिकार है वह किस तरह की सरकार से शासित होना चाहती है। इसीलिए हमारी मांग है कि संसद को भंग कर चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाए ताकि जनता फैसला कर सके कि हमारी सरकार का चरित्र कैसा हो।
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दोनों ने कहा कि सरकार ने संविधान की आत्मा और उसकी भावना को दरकिनार कर दिया है। विपक्षी पार्टियां भी चुप हैं। जितना शोषण या जनता के पैसे की लूट 200 साल के शासन में अंग्रेजों ने नहीं की उतनी लूट 65 सालों में इस देश में सत्ता चलाने वाले लोगों ने की है।

गरीबों और आम लोगों के बजाय निजी कंपनियों के हितों के लिए नीतियां बनाई जा रही हैं। कांग्रेस और भाजपा समेत सभी राजनीतिक पार्टियां अपना पक्ष जनता के सामने रखें और बताएं कि वो बाजारवाद के मूल्यों पर सरकार चलाना चाहते हैं या फिर संविधान की आत्मा और भावनाओं को लागू करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज को सरकार बाजार और निजी कंपनियों के साथ मिलकर दोहन कर रही है। किसानों की उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण कर निजी कंपनियों के साथ मिलकर बंदरबांट का काम कर रही है। अब समय आ गया है कि गांधी जी के सपनों के भारत का निर्माण किया जाए। गांधी जी ने कहा था कि दो बातें जरूरी हैं मानवता और प्रकृति का दोहन न हो। लेकिन आज सरकार इन्हीं दोनों चीजों का दोहन कर रही है।

करेंगे पूरे देश का दौरा
अन्ना ने कहा कि महात्मा गांधी की जयंती 30 जनवरी 2013 से वह और जनरल सिंह पूरे देश का दौरा करेंगे और यह क्रम पूरे एक साल तक जारी रहेगा। इस दौरे में हम जनता को जागृत कर संसद में बैठने वाले चेहरों को बदलने की मांग करेंगे। हम लोगों को जागरूक करेंगे, ताकि जिस तरह 16 अगस्त 2011 को जनता सड़क पर उतरी थी, उससे कहीं ज्यादा लोग सड़क पर उतर कर इस सरकार और संसद को बदल सकें। जनता जब जागृत होगी तो देश में माहौल बदलेगा और संसद का चेहरा भी बदलेगा।


पहले यह सरकार फैसले नहीं लेती थी और जब फैसले लेने लगी तो जनता की मुसीबत बढ़ती ही जा रही है। इस संसद का भंग होना इसलिए भी जरूरी है कि यूपीए सरकार ने रिटेल में एफडीआई जैसे जो भी विवादित फैसले हाल में लिए हैं उस समय वह अल्पमत में थी।
अन्ना हजारे और जनरल वीके सिंह का संयुक्त बयान

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