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मुलायम के आगे घुटनों पर सरकार

Thu, 21 Mar 2013 01:53 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Thu, 21 Mar 2013 01:53 AM IST
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upa govt weak in front of mulayam singh yadav

द्रमुक के अलग होने के बाद संख्या बल के संकट से जूझ रही यूपीए सरकार को मुलायम सिंह यादव ने अचानक अपने उग्र तेवर दिखा कर उलझन में डाल दिया है।

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सरकार को समर्थन जारी रखने के बदले में मुलायम पिछड़ा वर्ग के कांग्रेसी नेता केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा का इस्तीफा मांग रहे हैं।

बेनी की जिन मुलायम विरोधी बातों को मंगलवार को ‘बीती हुई’ मान लिया गया था, बुधवार को द्रमुक के मंत्रियों के इस्तीफे के बाद भाजपा ने उन्हें लोकसभा में जमकर उछाला और मुलायम के गुस्से का फाटक खुल गया। मुलायम के तेवरों के पीछे की सियासत को पढ़ते हुए सपा ने बेनी को मंत्रिमंडल से हटाने का दबाव बढ़ाते हुए संसद के भीतर-बाहर हंगामा बरपा दिया।
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उल्लेखनीय है कि यूपीए सरकार के पास बुधवार को डीएमके के हटने के बाद 232 सांसद बचे हैं और उसे सपा-बसपा समेत बाहर के 50 सांसदों का समर्थन (कुल : 282) हासिल है। जबकि बहुमत के लिए सरकार को 271 का आंकड़ा चाहिए। सपा के पास 22 सांसद हैं और यदि वह अपना समर्थन केंद्र से वापस ले लें, तो सरकार अल्पमत में आ जाएगी।
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तब उसके पास केवल 260 सांसद ही रह जाएंगे। मुलायम इस गणित को ढंग से पढ़ चुके हैं और बदली हुई परिस्थितियों में कांग्रेस से समर्थन की कीमत वसूलने में जुट गए हैं। सपा के अलावा बसपा (21 सांसद) ही सरकार की बाहर से बड़ी समर्थक है। ममता बनर्जी पहले ही यूपीए से दूर हो चुकी हैं।

सपा मुखिया के अचानक बदले तेवरों के बाद अल्पमत में आई यूपीए की डगमगती नैया को बचाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने खुद मोर्चा संभाला लिया। दोनों ने बुधवार को मुलायम को मनाया ही नहीं बल्कि बेनी से नाराजगी जाहिर कर उनसे खुले रूप में खेद भी जाहिर करवाया।


मगर मुलायम की नाराजगी अभी खत्म नहीं हुई है और वे माने नहीं हैं। उलटे सपा संसदीय दल की बृहस्पतिवार को बैठक बुलाकर सरकार और यूपीए के साथ रिश्तों की समीक्षा कर आगे की रणनीति का फैसला करने की बात कह यूपीए की नींद तो उड़ा दी है। सपा सांसद अब कह रहे हैं कि बेनी के खेद प्रकट करने से काम नहीं चलेगा, उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

वैसे बेनी ने प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद संसद भवन परिसर में कहा कि उनके दिए गए बयान से यदि किसी को ठेस लगी है तो इसके लिए खेद है। मुलायम के कमीशन लेने की कथित टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि यह बात मैंने नहीं कही थी। लिहाजा माफी मांगने का सवाल नहीं है। हालांकि बेनी ने कहा कि वह रविवार के अपने उस बयान पर अब भी कायम हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुलायम के कथित तौर पर आतंकवादियों के साथ संबंध हैं।

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