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लोकसभा चुनाव में साख बचाने को केंद्र का नया दांव

Tue, 17 Dec 2013 08:16 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 17 Dec 2013 08:16 AM IST
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upa govt again wager on mgnrega to win loksabha election 2014

चार राज्य में मिली करारी हार के बाद केंद्र सरकार ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में ग्रामीण वोटों को लुभाने के लिए एक बार फिर मनरेगा का दांव चला है।

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केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने सोमवार को मनरेगा को नए कायदे-कानून के साथ पेश किया।

इसके तहत राज्यों को मनरेगा कामगारों को 15 दिन में भुगतान करने, समय पर भुगतान न देने के लिए अधिकारियों पर जुर्माना, काम मांगने वाले कामगारों को 15 दिन में काम नहीं दे पाने पर बेरोजगारी भत्ता देने के साथ ही मनरेगा के तहत कराए जाने वाले कार्यों का भी विस्तार किया गया है।
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रमेश ने बताया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा के शिड्यूल एक और दो में बदलाव करते हुए इसे नए अवतार में पेश किया है। नए मनरेगा में कामगारों को रोजगार के ज्यादा अवसर मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि सरकार ने मनरेगा के तहत किए जाने वाले ज्यादातर कार्यों को सामुदायिक संपत्तियों के निर्माण से जोड़ा है।

इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में अनाज भंडारण के लिए गोदामों का निर्माण, आंगनवाड़ी केंद्र, शौचालय और पंचायत घर के साथ ही पक्की ईंटों को बनाने का काम भी शामिल किया गया है। साथ ही दलित और आदिवासी मनरेगा कामगार यदि अपने खेत पर स्वयं काम कर रहे हैं तो इसे भी मनरेगा का काम मानते हुए इसके बदले उन्हें मजदूरी दी जाएगी।


शौचालय निर्माण के लिए 10 हजार रुपए
जयराम का कहना है कि मनरेगा जॉब कार्ड धारक यदि अपने घर में शौचालय बनाना चाहता है तो उसे केंद्र सरकार एकमुश्त 10,000 रुपये देगी। सरकार का यह कदम स्वच्छता को बढ़ावा देने की पहल के रूप में है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान के तहत केंद्र सरकार पहले से ही प्रति शौचालय के लिए 10000 रुपये दे रही है। लेकिन मनरेगा जॉब कार्ड के लिए यह व्यवस्था मनरेगा से की जा रही है।

15 दिन में भुगतान की अनिवार्यता
नए मनरेगा में महिला स्वयं सहायता समूह अपने कार्यों के लिए भी मनरेगा कामगारों का इस्तेमाल कर सकेंगी। खास बात यह है कि नए मनरेगा में 15 दिन में भुगतान की अनिवार्यता कर दी गई है। यदि तय समय में भुगतान नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी की तनख्वाह से कटौती की जाएगी। नए मनरेगा में सिर्फ हाजिरी के आधार पर भुगतान पर पाबंदी लगा दी गई है। अब काम और काम के आकलन के बाद ही मनरेगा का भुगतान किया जाएगा।

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