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यूपीए ने किया मिशन 2014 की रणनीति का खुलासा

Tue, 25 Jun 2013 05:38 PM IST
किश्तवाड़/राघवेंद्र नारायण मिश्र
किश्तवाड़/राघवेंद्र नारायण मिश्र Updated Tue, 25 Jun 2013 05:38 PM IST
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upa disclose its strategy for next general elections

यूपीए ने चिनाब तट से मिशन 2014 का आगाज करते हुए अपनी रणनीति का खुलासा कर दिया है। यूपीए विकास के एजेंडे को लेकर आम जनता के बीच जाएगी। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और युवकों को रोजगार के मुद्दे भुनाने के प्रयास होंगे।

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यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जम्मू कश्मीर को 850 मेगावाट के नए बिजली प्रोजेक्ट का तोहफा देने के बहाने आधारभूत संरचना के विकास के लिए यूपीए-2 में हासिल की गई उपलब्धियों को भी चुनावी मुद्दा बनाने के संकेत दिए।
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उत्तराखंड में आपदा से प्रभावित लोगों को हर संभव मदद का ऐलान कर यूपीए के नेताओं ने मानवीय संवेदनाओं से खुद को जोड़ते हुए इस मुद्दे पर गंभीरता का इजहार किया।
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संकेतों में गिनाईं उपलब्धियां
सोमवार को श्रीनगर में हुई आंतकी घटना ने यूपीए नेताओं के संबोधन की दिशा बदली। बिजली प्रोजेक्ट की संगेबुनियाद रखना सरकारी कार्यक्रम था और मंच पर राज्यपाल एनएन वोहरा भी मौजूद थे। लिहाजा मंच से सियासी तकरीर संभव नहीं थी।

लिहाजा यूपीए नेताओं ने संकेतों में अपने एजेंडे का खुलासा किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि नौजवानों को रोजगार के लिए रियासत में 'हिमायत' और 'उड़ान' जैसे कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है।

साथ ही सोनिया ने राहुल गांधी द्वारा लांच की गए 'उम्मीद' योजना का जिक्र किया जिसके तहत 9 लाख महिलाओं को रोजगार मिलना है।

पीएम ने कहा कि 2004 में शुरू किए गए पुनर्वास कार्यक्रम के तहत 37 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। इन योजना के तहत 67 में से 34 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं।

बिजली पूर्ति का आश्वासन
रियासत में 14 हजार मेगावाट बिजली बन सकती है लेनिक दोहन 2500 मेगावाट का हो रहा है। केंद्र ने रियासत का बिजली कोटा बढ़ाकर 1664 मेगावाट किया है। चूंकि बिजली किल्लत रियासत और देश की बड़ी समस्या है इसलिए पीएम ने भावी प्रोजेक्ट्स को शुरू करने का भी ऐलान किया।

उन्होंने कहा कि रियासत को और 150 मेगावाट बिजली मिलेगी। एनएचपीसी के नीमाबाजगो और चुटक से भी 89 मेगावाट मिलेगा। जल्द ही बारामूला का उड़ी प्रोजेक्ट-दो भी चालू हो जाएगा।

एक हजार 629 करोड़ की लागत से श्रीनगर लेह ट्रांसमिशन लाइन शुरू की जा रही है। एनएचपीसी और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन रियासत में आईटीआई और प्रशिक्षण संस्थान भी चलाने वाला है।

सोनिया गांधी ने कहा कि शक्तिशाली नदी चिनाब से 850 मेगावाट के बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत हो रही है। इससे बिजली संकट कत्म होगा। पीएम पहले 459 मेगावाट का बगलिहार प्रोजेक्ट समर्पित कर चुके हैं। गुलाम नबी आजाद ने सीएम रहते हुए 8 नए जिले बनाए जिससे विकास को गति मिली।

भावनात्मक माहौल भी बनाया
सोनिया ने रियासत की भावना को भी सहलाया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को जम्मू कस्मीर और किश्तवाड़-डोडा से बेहद लगाव था। किश्तवाड़ को पहले दुलीहस्त प्रोजेक्ट मिल चुका है।

मुगल रोड, पठानकोट-श्रीनगर, भद्रवाह-चंबा (हिमाचल) और बनिहाल रेल लाइन की चर्चा करते हुए सोनिया ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के प्रति यूपीए की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।


रियासत में आईएएस और आईपीएस बनने की होड़ को भी उन्होंने यूपीए की सफल नीतियों का परिणाम बताया। पर्यावरण के साथ बायोडवर्सिटी के संरक्षण पर जोर दिया ताकि उत्तराखंड की तरह कोई हादसा दोबारा नहीं हो। विस्थापितों के पुनर्वास को भी वह नहीं भूलीं।

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