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बड़े संघर्ष की तैयारी में यूपी के गन्ना किसान
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Sun, 24 Feb 2013 08:39 PM IST
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उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान बकाया भुगतान को लेकर इस बार लंबी लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के संयोजक सरदार वीएम सिंह की अगुवाई में मंगलवार से मेरठ में किसानों का धरना शुरू हो रहा है।
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हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद किसानों को लेट पेमेंट का भुगतान ब्याज सहित नहीं मिल पाया है। इसी तरह वर्ष 2009-10 के पेमेंट में दाम के अंतर को लेकर हाईकोर्ट का आदेश लागू नहीं हुआ है। इन दोनों मुद्दों पर वीएम सिंह गन्ना किसानों को लामबंद कर यूपी में बड़े आंदोलन की तैयारी में जुटे हैं। गन्ना किसानों के आंदोलन में पूर्व जनरल वीके सिंह भी शामिल होंगे।
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सरदार वीएम सिंह का कहना है कि उप्र के गन्ना किसानों के पक्ष में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 अगस्त 2011 और छह अगस्त 2012 को दो अहम आदेश दिए थे। इन आदेशों के तहत किसानों को साल 2009-10 का 75 रुपये क्विंटल के हिसाब से अंतर मूल्य और गन्ने की सप्लाई पर 15 दिनों के बाद 15 फीसदी ब्याज के साथ भुगतान मिलना है। लेकिन सरकार ने अब तक इन आदेशों का पालन नहीं किया है। जबकि किसानों के खिलाफ अदालती आदेशों को सरकार तुरंत लागू करने पर आमादा रहती है।
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किसानों ने 15 साल के संघर्ष के बाद लेट पेमेंट पर ब्याज का हक हासिल किया है लेकिन मिल मालिक अदालत के आदेश के बावजूद ब्याज देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में किसानों के सामने आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। उन्होंने किसानों से जाति, धर्म और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपने हक की लड़ाई के लिए एकजुट होने की अपील की है।
गौरतलब है कि सरकारी और प्राइवेट चीनी मिलों में भाव के अंतर को लेकर गन्ना किसानों ने दिसंबर 2009 में लखनऊ मायावती सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया था। जिसके बाद हाईकोर्ट भी ने माना था कि समझौता मूल्य अलग-अलग नहीं हो सकता है। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने गत 29 जनवरी को उप्र के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखकर आंदोलन के चेतावनी दी थी।