फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   up policeman threw girl after sexual assault.

छात्रा के सच ने उठाए यूपी पुलिस पर सवाल

Sun, 18 Jan 2015 07:16 PM IST
प्रताप यादव, ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली, उझानी (बदायूं)
प्रताप यादव, ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली, उझानी (बदायूं) Updated Sun, 18 Jan 2015 07:16 PM IST
विज्ञापन
up policeman threw girl after sexual assault.

तीन दिन बाद बरेली के अस्पताल में होश में आने के बाद उझानी की छात्रा ने सच बताया तो पुलिस की कहानी फेल हो गई। उसे वहीं के एक सिपाही ने अपने कमरे की छत से नीचे फेंक दिया था और बाद में वही उसे अस्पताल भी लाया था। लड़की की मां ने पहले अपने देवरों पर शक जाहिर कर कातिलाना हमले की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। शनिवार को डीआईजी ने आनन-फानन मामले की जांच करायी तो सच खुलता गया। आरोपी सिपाही गौरव टाइटलर को तुरंत निलंबित करने के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और मामला दबाने के आरोप में उझानी के कोतवाल को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है।

विज्ञापन


कोतवाली के गेट पर बृहस्पतिवार को बेहोश मिली इंटरमीडिएट की छात्रा शनिवार को बरेली के एक अस्पताल में कुछ होश में आयी तो उसने अपनी मौसी के सामने पुलिस को बयान दिया कि सिपाही गौरव टाइटलर उसके परिवार का परिचित था और बहला फुसलाकर थाने में सरकारी क्वार्टर पर ले जाकर उसने उसके साथ जबरदस्ती की। बात न मानने पर उसने उसे छत से फेंका था।
विज्ञापन


डीआईजी ने बताया कि सिपाही को निलंबित करने के बाद उसे जानलेवा हमले के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उझानी कोतवाल रामसूरत यादव को लाइन हाजिर कर दिया गया है। डीआईजी ने कहा कि लड़की के साथ सेक्सुअल एसाल्ट से भी इनकार नहीं किया जा सकता। उसकी हालत में कुछ सुधार आने पर मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और अदालत में कलमबंद बयान भी कराए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्रा की मां ने पहले पांच लाख के लेनदेन को लेकर अपने देवरों के खिलाफ छात्रा को कार से कुचलकर जान लेने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। डीआईजी आरकेएस राठौर ने शनिवार को पुलिस लाइंस में प्रेसवार्ता में बताया कि मामला कोतवाली परिसर से जुड़ा होने के कारण संज्ञान में आने पर इसकी गहनता से जांच कराई गई, तो पता चला कि छात्रा को उसके चाचा ने नहीं, बल्कि सिपाही गौरव टाइटलर ने किसी बात पर कहासुनी होने पर छत से धक्का दे दिया था। डीआईजी ने बताया कि चूंकि छात्रा और सिपाही एक दूसरे के पारिवारिक परिचित थे।

सिपाही के खिलाफ सबूत जुटाकर सजा दिलाई जाएगी। बिसौली के प्रभारी निरीक्षक देवराज राठी को उझानी का नया कोतवाल नियुक्त किया गया है। इधर,  निजी अस्पताल में भर्ती लड़की के एसडीएम सदर प्रदीप कुमार और सीओ उझानी सतीश चंद्र शर्मा ने शनिवार को बयान दर्ज किए। छात्रा की मां की ओर से सिपाही गौरव के खिलाफ दी गई दूसरी तहरीर को पुलिस ने मुकदमे की जारी विवेचना में शामिल कर लिया है।

फेसबुक पर दरोगा जैसा रौब

up policeman threw girl after sexual assault.

करीब तीन महीने पहले तक कोतवाली में तैनात रहा सिपाही गौरव टाइटलर का नाम छात्रा को बहला-फुसला कर उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश से जुड़ा, तो कई और राज सामने आ गए। फोटो सेशन कराने का शौकीन यह सिपाही अपने फेसबुक एकाउंट पर जब-तब नए अंदाज वाले फोटो अपलोड़ करता रहा है। फेसबुक एकाउंट पर उसने दरोगा की कैप वाले दो फोटो और बाइक पर दबंग स्टाइल के फोटो अपलोड किए हैं। उसके सर्किल में कई ऐसे लोग हैं, जो उसकी शौकीन मिजाजी की तस्दीक करते हैं। सूत्र बताते हैं कि उसके कमरे पर दो-चार बार पार्टी भी हुईं थी।

आईपीएस अफसर ने कराई थी तैनाती
2011 में पुलिस में भर्ती हुए गौरव की कोतवाली में तैनाती अप्रैल, 2014 में एक तत्कालीन आईपीएस अफसर की ‘कृपा’ से हुई थी। तैनाती के दौरान वह विवादित भी रहा। इसी वजह से इस सिपाही को अक्तूबर,2014 में तत्कालीन एसपी (सिटी) मानसिंह चौहान ने सीआर ड्यूटी पर लगा दिया था। ड्यूटी सीआर की थी लेकिन करीब तीन महीने से वह कोतवाली परिसर में सरकारी क्वार्टर में कब्जा जमाए रहा।

आगरा का रहने वाला है आरोपी

आरोपी सिपाही गौरव टाइटलर आगरा जिले के एत्मादपुर थाने के नगला फूला का निवासी है। पता चला है कि उसके माता-पिता प्राथमिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं।

मामले को दबाने में जुटी रही उझानी पुलिस

up policeman threw girl after sexual assault.

उझानी कोतवाली परिसर से सटे नाले के पास गुरुवार शाम बेहोश मिली छात्रा के मामले में सब कुछ जानते हुए भी पुलिस तीन दिन तक घटना को दबाने में लगी रही। शनिवार को डीआईजी आरकेएस राठौर के सख्त रुख के बाद आरोपी सिपाही गौरव टाइटलर के खिलाफ न केवल रिपोर्ट दर्ज की गई, बल्कि उसे गिरफ्तार कर निलंबित भी कर दिया गया।

पुलिस के स्थानीय अफसरों को पहले दिन से ही पूरे मामले की सच्चाई पता थी। आरोपी सिपाही के करीबी पुलिस कर्मी भी जानते थे कि छात्रा कैसे और किन हालात में घायल हुई है। बावजूद इसके मूसाझाग थाने में गैंगरेप की घटना में अपनी फजीहत करा चुकी पुलिस मामले की तह तक जाने के बजाय सच्चाई पर पर्दा डालने की कोशिश में जुटी रही। पुलिस ने घटना वाले दिन से लेकर शुक्रवार तक सिपाही के क्वार्टर की तलाशी भी नहीं ली। तलाशी लेने पर घटना के कुछ और पहलू सामने आ सकते थे। उलटे शुक्रवार को आरोपी सिपाही के घरवालों ने पुलिस की मदद से कमरा भी साफ कर दिया।

यही नहीं, पुलिस की ओर से छात्रा की मां को समझाया गया कि वह घटना को ज्यादा तूल न दें। इसी का नतीजा रहा कि छात्रा की मां ने अपने दो देवरों को बेटी पर कातिलाना हमले में नामजद कर दिया। छात्रा की मां की यह नामजदगी ही पुलिस के लिए घातक साबित हुई, क्योंकि नामजद जगपाल और उसके भाई राकेश ने नाते-रिश्तेदारों के जरिए जब छात्रा से संपर्क साधा तो उसने असलियत बयां कर दी।  

...तो पकड़ में नहीं आता गौरव
पुलिस सूत्रों की मानें तो गौरव टाइटलर के खिलाफ डीआईजी आरकेएस राठौर द्वारा कार्रवाई का आदेश देने के बाद ही कोतवाल सक्रिय हुए। शनिवार देपहर उन्होंने गौरव को बुलवाया और आनन-फानन में उसकी गिरफ्तारी की औपचारिकता पूरी कर दी। गिरफ्तारी की बात को भी पुलिस शाम पांच बजे तक छिपाए रही।

रिश्तेदार सिपाही के साथ पहुंचे घरवाले

छात्रा को सरकारी क्वार्टर में बुलाकर उसे छत से फेंकने के आरोपी गौरव टाइटलर का भाई अपने पिता और रिश्तेदार पुलिस कर्मी के साथ शनिवार को कोतवाली परिसर में दिखा। भाई ने कमरे से चाबी ली और गौरव की बाइक कोतवाली के गेट पर ले आया। उसके रिश्तेदार पुलिस कर्मी ने कानूनी प्रक्रिया पर घरवालों के साथ कोतवाली गेट पर काफी देर तक बातचीत की। 

रामलखन के नक्शेकदम पर चले रामसूरत

up policeman threw girl after sexual assault.

बदायूं के मूसाझाग थाने में गैंगरेप के मामले में एसओ रामलखन यादव ने जिस तरह सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव को बचाने के लिए साक्ष्य मिटाने की पूरी कोशिश की थी, उझानी कोतवाल रामसूरत यादव ने भी कमोवेश वैसा ही किया।

गुरुवार को छात्रा उझानी कोतवाली के पास घायल अवस्था में बेहोश मिली थी। उझानी कोतवाल की जानकारी में पूरा मामला भी था लेकिन इसे दबाने की पूरी कोशिश हुई। शनिवार को छात्रा के बयान के बावजूद आरोपी सिपाही गौरव टाइटलर पर छेड़छाड़ की धारा तक नहीं लगाई गई। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में सिपाही की कारस्तानी की ओर इशारा किया था।

यही नहीं, सूत्रों की मानें तो घटना के बाद छात्रा के परिवार वालों को पुलिस ने लालच दिया था। उझानी कोतवाल रामसूरत यादव ने तो यहां तक कहा था कि सिपाही की छात्रा से शादी करा देंगे। परिवार वालों को छात्रा का अच्छे अस्पताल में इलाज और रुपये देने का लालच भी दिया गया था।

नहीं हो सके 164 के बयान
छात्रा की हालत गंभीर होने की वजह से उसके मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 के बयान अब तक दर्ज नहीं हो सके हैं। सीओ उझानी सतीश शर्मा ने बताया कि छात्रा सुरक्षा में है। उसकी हालत में सुधार होते ही 164 के बयान दर्ज कराए जाएंगे। बाद में इसी आधार पर मुकदमा भी तरमीम किया जाएगा।

डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल लिए
आरोपी सिपाही का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया। इस दौरान इसके शरीर से डीएनए टेस्ट के लिए नमूने भी लिए गए। इन नमूनों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा जाएगा।

सिपाही की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू
एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने उझानी कोतवाल रामसूरत यादव को लाइन हाजिर और आरोपी सिपाही गौरव टाइटलर को सस्पेंड कर दिया है। सूत्रों के अनुसार आरोपी सिपाही के खिलाफ जांच शुरू हो गई है और उसकी बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed