चौंकाने वाली है यूपी पुलिस की यह सच्चाई!
पुलिस और सियासी गठजोड़ चुस्त-दुरुस्त पुलिसिंग की राह का रोड़ा है। नेताओं की सिफारिशों की वजह से बरेली जोन में 23 थानों की कमान बूढ़े इंस्पेक्टरों के हाथों में है। दो बुजुर्ग दरोगा भी थानेदारी कर रहे हैं।
इनमें से कुछ का रुतबा तो ऐसा है कि वह अपनी मर्जी से तैनाती करा लेते हैं। अधिकारी उनको हटाने की सोच भर लें तो उन्हीं की कुर्सी हिलने लगती है।
नवाबगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर जवाहर लाल यादव की हेकड़ी सुर्खियों में आने पर आईजी विजय सिंह मीना ने डीजीपी एके जैन के आदेश पर 58 साल से ज्यादा उम्र के उन इंस्पेक्टर और दरोगाओं की सूची तैयार कराई है, जो बुढ़ापे में थाना प्रभारी बने हुए हैं।
महिला थानों में भी 58 से ज्यादा की महिला इंस्पेक्टर
बरेली के नवाबगंज थाने के इंस्पेक्टर जवाहर लाल यादव तो खुद को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का करीबी बताकर किसी से कभी भी दो-दो हाथ करने को तैयार हो जाते हैं। कैंट इंस्पेक्टर रामवीर सिंह यादव के बेटे आईएएस अफसर हैं। इसलिए अफसर उनका एहतराम करते हैं। व्यवहार की बात की जाए तो वह कभी विवाद में नहीं रहे।
इसी तरह मीरगंज इंस्पेक्टर एमएखान भी अल्पसंख्यक कोटे का पूरा फायदा उठा रहे हैं। शाहजहांपुर के सदरबाजार, जलालाबाद, पीलीभीत के पूरनपुर, मुरादाबाद और रामपुर के सिविल लाइंस थानों की कमान भी बूढ़े इंस्पेक्टरों के पास है।
मुरादाबाद और अमरोहा के महिला थानों पर भी 58 साल से अधिक उम्र की महिला इंस्पेक्टर तैनात कर रखी हैं। पीलीभीत और संभल के एसपी ने 58 साल से ज्यादा उम्र के एक-एक दरोगा को थानाध्यक्ष बना रखा है। आईजी के स्तर से यह सूची डीजीपी को जानी है। वहां से ही इन थानेदारों का भविष्य तय होना है।