यूपीः एक साल के बच्चे को पुलिस ने भेजा नोटिस
उत्तर प्रदेश पुलिस कुछ भी कर सकती है। इसकी बानगी भर देखने को मिली है मुरादाबाद में। आखिरकार एक साल का बच्चा क्या कर सकता है? पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुरादाबाद में एक साल के बच्चे को शांति भंग करने के मामले में नोटिस भेज कर खुद के लिए ही मुसीबत मोल ले चुकी है।
टीओआई के मुताबिक मुरादाबाद में 28 साल के व्यक्ति और उसके 1 साल के बेटे को शांति भंग होने की आशंका के चलते नोटिस जारी किया गया है।
गौरतबल है कि ठाकुरदारा में 13 सितंबर को होने वाले उपचुनाव के दौरान शांति भंग होने की आशंका के चलते उस्मानपुर गांव में रहने वाले यासीन और उनके 1 साल के बेटे के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है।
यह नोटिस उस रिपोर्ट के आधार पर जारी किया गया है जिसमें आशंका जताई गई है कि ये पिता-पुत्र बूथ कैप्चर कर सकते हैं और मतदाताओं को धमका सकते हैं। पर सवाल उठता है कि क्या एक साल का बच्चा लोगों को डरा सकता है या फिर बूथ पर कब्जा कर सकता है।
50,000 रुपए का सिक्योरिटी बांड भरा
मुरादाबाद पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने सीआरपीसी की धारा 107/16 के तहत समन जारी किया है। गौरतलब है कि उपचुनाव से पहले स्थानीय पुलिस को एसएचओ ठाकुरद्वारा और उस्मानपुर गांव के प्रभारी एसआई को एसडीएम के पास एक रिपोर्ट दाखिल करनी थी। इस रिपोर्ट में अपराधिक पृष्ठभूमि वाले उन लोगों के नाम बताने थे, जो चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
स्थानीय पुलिस ने नाजिम का नाम जिले के गुंडा लिस्ट में डालडाल दिया है। बीते शनिवार को जब पुलिस नोटिस देने के लिए नाजिम के घर पहुंची तो परिजनों को झटका लगा।
गिरफ्तारी के डर से यासीन 50,000 रुपए का सिक्यॉरिटी बॉन्ड लेने के लिए अपने बेटे को उपजिलाधिकारी के पास ले गया। यासीन ने कहा कि एसडीएम ने मुझे तो सिक्यॉरिटी बॉन्ड दे दिया, लेकिन मेरे बेटे नाजिम को नहीं दिया।
पुलिस के खिलाफ जांच शुरू
उपजिलाधिकारी ने नाजिम को बताया कि यह मामला हास्यपद है। यासीन ने बताया कि एसडीएम ने रिपोर्ट दाखिल करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।
यासीन ने बताया कि सिपाही भगवान सिंह और उसके साथी ने मुझ से पैसा मांगा था। जब मैंने मना कर दिया तो उसने झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।
मुरादाबाद के डीआईजी गुलाब सिंह ने कहा कि यह मामला मेरी जानकारी में आ गया है। यह बात सही है कि पुलिसकर्मियों ने जानबूझकर दुधमुंहे बच्चे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
डीआईजी ने बताया कि ठाकुरद्वारा के एसएचओ, क्षेत्रीय प्रभारी एसआई और थाने के सिपाही के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल तो उपचुनाव के कारण आचार संहिता के लागू होने से पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती है।