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एनआरआई बन युवती ने रचा ऐसा खेल, यूपी पुलिस फेल

Thu, 01 Nov 2012 12:44 AM IST
सहारनपुर/अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर/अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 01 Nov 2012 12:44 AM IST
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UP police fell in game created by NRI woman

ऐसी पुलिसिंग की मिसाल शायद ही दूसरी हो। फर्जी एनआरआई बन बैठी लड़की की झूठी कहानी में फंसने की जैसी लापरवाही सहारनपुर पुलिस ने दिखाई, वह कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है। पुलिस ने सुर्खियां बटोरने के लिए बगैर जांच-पड़ताल के ही देसी युवती को एनआरआई ही नहीं, वादी भी बना दिया।

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उसके मां-बाप और लंदन के शहर का नाम तक खोज निकालने का दावा कर डाला। वाहवाही लूटने की ऐसी होड़ मची कि खुद एसएसपी भी मीडिया के सामने कहानी बयां करने में जुटे नजर आए। एक झूठ के आगे सहारनपुर में तीन आईपीएस और 12 पीपीएस फेल हो गए।
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दरअसल, मानव तस्करी का शिकार बनी युवती ने खुद को चंगुल से मुक्त कराने के लिए एनआरआई बनने का जो ड्रामा रचा था, उसकी कमजोर कड़ियों पर शुरू में पुलिस की नजर ही नहीं पड़ी। पुलिस की खामियों से वाकिफ लड़की ने खुद को एनआरआई उद्यमी की बेटी बताया।
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थाने में शिकायत अंग्रेजी में दी और लंदन के घर का फोन नंबर भी +14312061 लिखवाया, ताकि पुलिस गच्चा खा जाए। मौका हाथ लगता देख, पुलिस में कामयाबी को भुनाने की होड़ सी मच गई। एनआईआर लड़की की बरामदगी की खबर सुनते ही जिले का हर अफसर इसे अपनी कामयाबी बताने में जुट गया। इसी के साथ पुलिस ने गौरी भोंसले के नाम से मामला दर्ज करने में भी जरूरत से ज्यादा जल्दबाजी दिखाई।

चैनल के प्रोमो में पुलिस अफसर भी शामिल!
दरअसल, एक निजी चैनल पर प्रस्तावित धारावाहिक के प्रोमो के लिए कई चैनल पर गौरी की गुमशुदगी के विज्ञापन का प्रचार किया जा रहा है। इस विज्ञापन को देखने के बाद ही युवती के दिमाग में गौरी बनकर अपनी बात बाहर पहुंचाने का खयाल आया और पुलिस की चूक से एक बड़ा अफसाना बन गया। चर्चा है कि धारावाहिक को हिट करने के लिए चैनल ने पुलिस की मदद भी ली है।

एक लड़की और कई तीसमार खां अफसर
लड़की के मुंह से अंग्रेजी के चार शब्द सुनकर पुलिस के बड़े अफसर तक यह मान बैठे कि लड़की एनआरआई है। इतना ही नहीं, लड़की को मीडिया के सामने से ओझल कर दिया। युवती ने पुलिस के ज्ञान का खूब फायदा उठाया और टूटी-फूटी अंग्रेजी में ही तहरीर देकर 24 घंटे तक एनआरआई बनी रही।

पूरी कहानी गांव वालों की जुबानी
तलहेड़ी बुजुर्ग के लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक यह युवती देहरादून से किसी व्यक्ति के जरिये 40 हजार रूपये में बेची गयी और अज्ञात बिचौलिये को 30 हजार रुपये लड़की दिखाने के लिए दिये गये। घर के भीतर ही शादी करायी गयी जबकि वह शादी का विरोध कर रही थी। शादी के बाद मिठाईयां बांटी गई थीं। राजू नामक युवक के साथ कार से वह गांव आयी थी। उसे पड़ोसियों से भी नहीं मिलने देते थे। वह अंग्रेजी बोलती थी।


पुलिस इन सवालों को सुलझाती तो यह नौबत नहीं आती
-तहरीर में दिए गए लंदन के नंबर पर फोन तक नहीं किया गया
-मालदा निवासी नानी के घर पुलिस ने कोई संपर्क नहीं साधा
-एनआरआई की बात सामने आने पर दूतावास को नहीं बताया
-दिल्ली-देहरादून में बेचे जाने की पुष्टि के लिए वहां की पुलिस से संपर्कनहीं किया गया
-पुलिस ने पूछताछ के बिना ही युवती की बात पर भरोसा जताया
-24 घंटे कस्टडी में रहने के बाद भी युवती से पूछताछ नहीं की गई

अब इनकी सुनिए सफाई

जांच में युवती की पहचान मालदा निवासी समीना अख्तर के रूप में हुई है। पुलिस का ध्यान आकर्षित करने के लिए युवती ने एनआरआई गौरी की कहानी गढ़कर खुद की व्यथा सुनाई। अहम बात यह है कि युवती मालदा से शिमला और वहां से सहारनपुर पहुंचने में कई बार मानव तस्करी का शिकार हुई। पुलिस घटना को ध्यान में रखकर आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। युवती का मेडिकल भी कराया गया है।
-डॉ अनिल कुमार मिश्र, एसपी देहात

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