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दो करोड़ महिलाओं को साड़ी, 50 लाख पुरुषों को मिलेगा कम्बल

Fri, 05 Oct 2012 10:44 AM IST
लखनऊ/अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 05 Oct 2012 10:44 AM IST
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up govt will distribute saree to twenty million women

उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार अपने एक और बहुप्रचारित वादे को जल्द से जल्द पूरा करने को लेकर गंभीर हो गई है। दो करोड़ गरीब महिलाओं को साड़ी और 50 लाख पुरुषों को कम्बल देने की योजना है। सपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में युवाओं को रिझाने के लिए टैबलेट और लैपटाप की तरह गरीबों का समर्थन पाने के लिए गरीबी रेखा के नीचे की महिलाओं को दो-दो साड़ी और पुरुषों को कम्बल देने की घोषणा की थी।

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छह महीने बीतने के बाद भी इस वादे पर अमल नहीं हो पाया है। इधर ठण्डक की दस्तक तक यदि साड़ी-कम्बल का वादा सरकार पूरा नहीं कर पाई तो तो विपक्षी इसे मुद्दा बना सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि इस बीच साड़ी-कम्बल की आवश्यकता और उसकी खरीद प्रक्रिया को लेकर लिखापढ़ी तेज हो गई है।
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जिलाधिकारियों से साड़ी और कम्बल की आवश्यकता के संबंध में सर्वे कराकर रिपोर्ट देने को कहा गया था। अब तक 34 जिलाधिकारियों ने पूरी रिपोर्ट भेजी है जबकि 17 ने केवल ग्रामीण क्षेत्रों की रिपोर्ट दी है। जिन जिलों से रिपोर्ट अब तक नहीं आई है, वहां के जिलाधिकारियों से जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
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पंचायती राज निदेशक वीपी सिंह ने बताया कि लगभग दो करोड़ पात्र महिलाओं को साड़ी और 50 लाख पुरुषों को कम्बल देने की योजना है। महिलाओं को दो-दो साड़ी मिलेगी, जबकि पुरुषों को एक-एक कम्बल मिलेगा।

1250 करोड़ रूपये की जरूरत
साड़ी व कम्बल खरीद के संबंध में पांच अक्तूबर को मंत्रिमण्डलीय समिति की बैठक हो सकती है। इस बैठक में साड़ी व कम्बल के लिए जरूरी धनावंटन और नीति पर विचार किये जाने की संभावना है। जानकार बताते हैं कि सरकार ने साड़ी और कम्बल के लिए बजट में 100-100 करोड़ रुपये का प्रतीक आवंटन किया है।

अब यदि दो करोड़ महिलाओं को दो-दो साड़ी दी जाएगी तो चार करोड़ साड़ी के लिए बजट की व्यवस्था करनी होगी। वैसे दो साड़ी पर लगभग 500 रुपये और कम्बल भी लगभग इसी कीमत का खरीदने का इरादा है। इस हिसाब से साड़ी के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये और कम्बल के लिए 250 करोड़ रुपये की जरूरत होगी।

मुसलिम महिलाओं को चाहिए सलवार-शूट
गरीबी रेखा से नीचे और 18 वर्ष या इससे अधिक उम्र की महिलाओं को साड़ी देने की घोषणा में एक बड़ा पेंच कुछ जिलों की मुसलिम महिलाओं की ओर से साड़ी की जगह सलवार शूट की मांग है। जिलाधिकारियों ने इस संबंध में शासन को सूचित किया है। संभावना है कि मंत्रिमण्डलीय समिति की बैठक में इस मांग पर भी विचार हो सकता है।


अधिकारी कहते हैं कि 250 रुपये में साड़ी तो मिल जाएगी लेकिन इतने में ही सलवार-शूट तैयार हो पाएगा, इसमें मुश्किल है। यदि बन भी गया तो उसकी क्वालिटी अच्छी नहीं होगी, जिससे बाद में तमाम तरह के सवाल खड़े होंगे। ऐसे में यदि इस मांग पर गौर किया जाता है तो फिर इसके लिए कीमत भी बढ़ानी पड़ सकती है।

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