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दरवाजे तक अनाज पहुंचाएगी यूपी सरकार

Wed, 05 Jun 2013 08:58 AM IST
नई दिल्ली/पीयूष पांडेय
नई दिल्ली/पीयूष पांडेय Updated Wed, 05 Jun 2013 08:58 AM IST
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up government wil give grain at door

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में लोगों के दरवाजे तक खाद्य पहुंचाने की जस्टिस वाधवा समिति की सिफारिश को यूपी सरकार ने स्वीकार कर लिया है।

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सुप्रीम कोर्ट से राज्य सरकार ने कहा है कि प्रणाली को पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत करने, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, एसएमएस तंत्र, आरटीजीएस, कॉल सेंटर और डोर स्टैप डिलवरी लागू करने की सिफारिश के संबंध में कदम उठाए गए हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने वाधवा समिति की सिफारिशों पर सभी राज्यों को जनवरी में हलफनामा दाखिल करने को कहा था।

यूपी के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के संयुक्त सचिव रमेश चंद्र उत्तम ने हलफनामा दाखिल कर राशन दुकानों की व्यवस्था खत्म करने की समिति की सिफारिश को नकार दिया है, लेकिन उन्होंने दरवाजे तक अनाज पहुंचाने, भंडारण क्षमता बढ़ाने, अनाजों को लाने-ले जाने, तकनीकी मशीन से भार तौलने, निगरानी और विश्वसनीयता की सिफारिशों से सहमति जताई है। वैसे सरकार ने यह साफ नहीं किया है कि ऐसा कब तक होगा।
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प्रदेश सरकार ने राशन कार्डों के पुष्टि की समुचित व्यवस्था को मजबूत करने की सिफारिश को भी माना है। सरकार ने कहा है कि बीपीएल और अंत्योदय अन्न योजना के तहत जारी कार्डों की लगातार जांच की जा रही है। अब तक 3,83,350 फर्जी राशन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं। 2007-08 में 52,400, 2008-09 में 62,862, 2009-10 में 19,507, 2011-12 में 21,967 और 2012-13 के कार्डों की जांच का कार्य जारी है।

हलफनामे में राज्य सरकार ने कहा है कि फेयर प्राइस शॉप की व्यवस्था लागू किए जाने की समिति की सिफारिश से वह सहमत नहीं है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में यह संभव नहीं है कि 75,000 फेयर शॉप राज्य कॉर्पोरेशन की ओर से चलाई जा सके।


हालांकि राज्य में अन्य सामग्री के लिए 20 फेयर शॉप को अनुमति पहले ही दी जा चुकी है। टोल फ्री शिकायत नंबर की व्यवस्था लागू किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

इसके अलावा पुराने के स्थान पर नए राशन कार्ड जारी किए जाने का कार्य भी जून माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। पीडीएस में भ्रष्टाचार के अधिकतर मामले खाद्य की आवाजाही को लेकर हैं। इसलिए इस पूरे तंत्र में समुचित सुधार की व्यवस्था की जा रही है।

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