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अरबों की जमीन के फर्जीवाड़े में जागी यूपी सरकार

Sun, 19 Jul 2015 11:20 AM IST
Updated Sun, 19 Jul 2015 11:20 AM IST
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UP Government wants detail report on Land Forgery.

अरबों की जमीन के फर्जीवाडे़ में सरकार की निद्रा टूट गई है। शासन ने प्रशासन से पूरे मामले की जानकारी मांगते हुए इससे पहले हुए फर्जीवाड़ों का ब्यौरा मांगा है। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय से सपा जिलाध्यक्ष से भी इस संबंध में पूरी जानकारी मांगी गई है।

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री लियाकत अली खां के वंशज बताकर जमीनों का फर्जीवाड़ा करने वालों की सरकार सीधे खबर ले रही है। जिला प्रशासन से शासन ने फर्जी पार्टनरशिप डीड प्रकरण में जानकारी मांगी है, वहीं उन सभी प्रकरणों का ब्यौरा भी तलब किया है, जिनमें रंजन मित्तल और उनके साथियों ने सरकार को चूना लगाया है।
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प्रशासन पूरी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज रहा है। ईद पर छुट्टी के दिन भी दफ्तर खोलकर काम किया गया। मामले को देख रहे एडीएम वित्त रामकिशन शर्मा ने बताया कि जमीनों को कब्जाने वाले गिरोह ने अब तक जितने फर्जीवाड़े किए हैं, उन सबकी नोट शीट तैयार कर ली गई है।
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राज्य सरकार ने मांगी प्रशासन से रिपोर्ट

UP Government wants detail report on Land Forgery.

इनमें सेना का पड़ाव गहरा बाग, नुमाईश मैदान, डीएसओ ऑफिस और पुलिस क्लब शामिल हैं। इन सबकी जमीनों का पुराना सारा रिकार्ड निकाल लिया गया है। भूमाफिया ने सारे मामलों में फर्जी कागज तैयार किए हैं। बीते 18 सालों से ये लोग सरकारी जमीनों पर कब्जे का अभियान चलाए हुए हैं।

एक-एक मामले की पूरी तह तक जाया जा रह है। उधर, सपा जिलाध्यक्ष सतेंद्र सैनी ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय को भूमि घोटाले संबंधी पूरी जानकारी दे दी गई है।

जिलाध्यक्ष ने बताया कि सारा फर्जीवाड़ा तहसील के कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ है। इस मामले में दोषीकर्मियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। वह शीघ्र ही लखनऊ जाकर इस मामले की सीधे तौर पर भी मुख्यमंत्री को पूरी जानकारी देंगे। सरकार से मांग करेंगे कि हरियाणा की तर्ज पर किसी बड़ी एजेंसी से इस मामले की जांच कराई जाए।

असली वारिस हो तो हमारी संपत्ति पर दावा करो: वीएम

UP Government wants detail report on Land Forgery.

भारत-पाक बंटवारे के दौरान नवाब लियाकत अली खां के परिवार को पाकिस्तान में सर दातार सिंह के परिवार की जमीन मिल गई थी। सर दातार सिंह को लियाकत अली खां के परिवार की प्रॉपर्टी मिली थी। भारत सरकार ने दोनों की संपत्तियों की अदला-बदली को मंजूरी दी थी।

दातार सिंह ने केवल दिल्ली की 300 एकड़ जमीन ली थी, बाकी करनाल और मुजफ्फरनगर की जमीन कस्टूडियन में सरकार को दे दी थी। इस जमीन पर सरकार के अलावा किसी का आधिपत्य हो ही नहीं सकता। खुद को लियाकत के वारिस बताने वाले फर्जी हैं।

जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को इस मामले की तह तक जाना चाहिए। वीएम सिंह ने कहा कि जालसाजों को कठोर सजा मिलनी चाहिए, ताकि इस तरह की हिम्मत कोई और न कर सके।

मुजफ्फरनगर आए सरदार वीएम सिंह ने पत्रकारों से बातचीत की। वीएम सिंह ने भारत सरकार द्वारा सर दातार सिंह और लियाकत अली खां की प्रॉपर्टी ट्रांसफर के कागजात दिखाए। उन्होंने बताया की दोनों परिवारों की समस्त संपत्ति की अदला-बदली हो गई थी।

'बंटवारे के बाद नवाब परिवार का कोई हक नहीं'

UP Government wants detail report on Land Forgery.

लियाकत अली खां की 1500 एकड़ जमीन में सर दातार सिंह ने केवल दिल्ली की 300 एकड़ जमीन ली। बाकी करनाल और मुजफ्फरनगर की 1200 एकड़ जमीन सरकार को दे दी। इन जमीनों में बंटवारे के बाद लियाकत अली खां के परिवार के किसी सदस्य का कोई अधिकार नहीं रहा।

एजाज अली खां भी पाकिस्तान चले गए थे, उसके बच्चों के पास आज भी उनके बाबा सर दातार सिंह की जमीन है। बाद में एजाज अली खां वापस आया, लेकिन उसे कोई प्रॉपर्टी नहीं मिली। इसीलिए वह करनाल में दिवालिया घोषित हुआ। उसके नाम पर जो खेल रचा गया, वह सब फर्जी है।

प्रॉपर्टी ट्रांसफर के समस्त कागजात उनके पास हैं। यदि जमीन के असली वारिस हैं, तो हमारी जमीन में भी उनका हिस्सा बैठता है। उन्हें हमारी जमीन पर भी दावा करना चाहिए। वीएम सिंह कहते हैं कि फोर्जरी करने वाले लोगों को कठोर सजा मिलनी चाहिए, ताकि इस तरह की हिम्मत कोई और न कर सके।

वीएम सिंह ने यह भी बताया कि कानूनी तौर पर कस्टूडियन की संपत्ति बेची भी नहीं जा सकती। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के जजमेंट का हवाला भी दिया।

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