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जांच आयोगों का ब्यौरा देने से यूपी सरकार का इनकार

Sun, 15 Jun 2014 04:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 15 Jun 2014 04:08 PM IST
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UP government's refused to give details of commissions of inquiry

अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने सूचना के बिंदु अत्यंत विस्तृत बताकर कमीशन ऑफ इंक्वायरी एक्ट के तहत गठित जांच आयोगों का ब्यौरा देने इनकार कर दिया है।

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राज्य सरकार के गृह विभाग ने सूचना का अधिकार कानून के तहत दायर अर्जी को निरस्त करने का यह अजीब कारण बताया है।

आरटीआई कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने आजादी के बाद से अब तक गठित जांच आयोगों का विस्तृत विवरण मांगा था। इसमें राज्य सरकार की ओर से गठित किए गए आयोगों, उनके अध्यक्ष, सदस्य, गठन की तारीख, आयोग का कार्यकाल बढ़ाए जाने, अंतरिम और अंतिम रिपोर्ट का ब्यौरा मांगा गया था।
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राज्य सरकार ने निरस्त किया आवेदन

UP government's refused to give details of commissions of inquiry

गृह विभाग के सूचना अधिकारी ने आरटीआई की अर्जी के जवाब में कहा है कि सूचना के बिंदु अत्यंत विस्तृत होने के कारण सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा आठ के तहत आवेदन निरस्त किया जाता है।

सूचना के अधिकार कानून के तहत अर्जी मुख्य सचिव के समक्ष दायर की गई थी। मुख्य सचिव ने अर्जी गृह विभाग को भेज दी थी। कमीशन ऑफ इंक्वायरी एक्ट, 1952 के तहत जांच आयोग का गठन और उसकी रिपोर्ट को लेकर असमंजस बना रहता है।

इसी पृष्ठभूमि में यह विवरण मांगा गया था जिससे लोगों को पता चल सके जांच आयोग किस निष्कर्ष पर पहुंच पाते हैं। सूचना का अधिकार कानून के तहत मांगी गई सूचना का विवरण अधिक होने पर आवेदक से छाया प्रति का शुल्क जमा करने के लिए कहा जा सकता है। छाया प्रति का शुल्क जमा होने पर समस्त सूचना मुहैया कराने का प्रावधान है।

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