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तो क्या अखिलेश अभी तक हैं अंधविश्वास के शिकार?
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 07 Sep 2013 07:55 AM IST
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नोएडा में आईटी कंपनियों के संघ नैसकॉम की इमारत का शिलान्यास दिल्ली से करने को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश के सामने सवाल खड़ा हो गया है कि क्या सचमुच आईटी पर अंधविश्वास भारी पड़ गया है।
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हालांकि अंधविश्वास की बात को अखिलेश यादव ने सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि नैसकॉम के मुख्यालय की इमारत जब बन जाएगी तो वह खुद नोएडा जाकर इसका उद्घाटन करेंगे।
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उनसे सवाल किया गया था कि क्या आप भी अपने पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रियों की तरह कुर्सी जाने के डर से नोएडा जाने से बच रहे हैं।
दिल्ली से नोएडा में बनने वाली इमारत का शिलान्यास करने को लेकर मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि दिल्ली देश की राजधानी है। यूपी के विकास के लिए इस सुनहरे मौके के अच्छे प्रचार के लिए ही उन्होंने दिल्ली में इसका शिलान्यास किया है।
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अखिलेश ने कहा कि सपा अंधविश्वास में नहीं विकास में विश्वास करती है। इससे पहले भी नोएडा के कई कार्यक्रमों को अखिलेश ने लखनऊ से निपटाए हैं। लखनऊ से नोएडा का काम निपटाने की बात को लेकर अखिलेश व्यस्तता को प्रमुख वजह बताते रहे हैं।
मगर लखनऊ से दिल्ली आकर नोएडा के कार्यक्रम को निपटाने से अंधविश्वास की बात उठने लगी है। कार्यक्रम में भी पत्रकारों ने पूछा कि क्या आईटी पर अंधविश्वास भारी पड़ गई है।
अखिलेश से पहले मायावती भी नोएडा आने से कतराती रही हैं। मुलायम सिंह यादव भी ऐसा ही करते रहे हैं। नोएडा को लेकर राजनीतिक हलकों में कहा जाता है कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा आया, उसे हार का सामना करना पड़ा है।