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बाढ़ प्रबंधन के लिए यूपी ने मांगे एक हजार करोड़

Wed, 16 Jan 2013 11:09 PM IST
नई दिल्ली/धीरज कनोजिया
नई दिल्ली/धीरज कनोजिया Updated Wed, 16 Jan 2013 11:09 PM IST
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up called one thousand crore for flood management

उत्तर प्रदेश सरकार ने बाढ़ प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार से एक हजार करोड़ रुपये का पैकेज मांगा है। वहीं केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय ने प्रदेश को कहा है कि वह इस मांग को प्रधानमंत्री कार्यालय भेजेगी और वह खुद उनके इस प्रस्ताव पर निर्णय लेने की स्थिति में नहीं है।

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मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसकी अपनी वित्तीय सीमाएं हैं। इसके अंतर्गत वह उसकी मांग पूरी नहीं कर सकता है। इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय ही कोई निर्णय कर सकता है। जबकि सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने नेपाल से आने वाली नदियों की वजह से प्रदेश में बाढ़ के कहर को रोकने को लेकर केंद्र से उचित प्रबंधन करने की मांग की।
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बुधवार को केंद्रीय जल संसाधन मंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की 16वीं बैठक में शिवपाल यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बहने वाली मुख्य नदियों गंगा, यमुना, घाघरा, शारदा, गंडक, राप्ती आदि से प्रदेश के लगभग 36 जिले प्रभावित हैं।
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बताया गया है कि काठमांडू में 22 जनवरी को नेपाल के साथ बाढ़ नियंत्रण मामले में एक बैठक है। बैठक में उत्तर प्रदेश और बिहार के सचिव स्तरीय अधिकारी भी शिरकत करेंगे। यूपी सरकार का कहना है कि बैठक में नेपाल सरकार को बाढ़ नियंत्रण कार्यों को इस तरह से करने को कहेगी, जिससे उत्तर प्रदेश और बिहार को भी फायदा मिले।

बुधवार को बैठक में शिवपाल यादव ने बताया कि प्रदेश में कुल 22.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को बाढ़ से सुरक्षित किया जा सका है। जबकि लगभग 36.58 लाख हेक्टेयर क्षेत्र अभी सुरक्षित किया जाना बाकी है। इस क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए 5 हजार किमी तटबंध बनाना प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता है।


इसे बनाने में 15 हजार करोड़ रुपये की निर्माण लागत आने का अनुमान है। इसके लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना के प्लान में लगभग छह हजार करोड़ का प्रावधान है। सिंचाई मंत्री ने कहा कि 11वीं पंचवर्षीय योजना के तहत केंद्र की ओर से दी जाने वाली 146 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसे जल्द मंजूर किया जाना चाहिए। साथ ही छह और बाढ़ प्रबंधन परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से मंजूर 343 करोड़ से ज्यादा की राशि को भी जल्द से जल्द देने की मांग की गई है।

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