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यूपी एंथम: साढ़े 3 मिनट का गान, देगा विदेश में पहचान

Tue, 12 Mar 2013 12:56 PM IST
दीपाली श्रीवास्तव/साहिबाबाद
दीपाली श्रीवास्तव/साहिबाबाद Updated Tue, 12 Mar 2013 12:56 PM IST
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UP Anthem: 3 ½-minute anthem will recognize foreign
अब यूपी की भी अपनी पहचान होगी। अपना एंथम यानि गान होगा। यह गान देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी यूपी की पहचान बनेगा। यूपी एंथम ‘जय-जय उत्तर प्रदेश कोटि-कोटि, अंगड़ाईयां जब टूटे, खेतों में, मैदानों में, हरित क्रांति आती है, तब घर-घर में, खलिहानों में...’ को गाजियाबाद के दो युवकों ने तैयार किया है।
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दरसअल, गुजरात, दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे प्रदेशों की अपनी एंथम है, इसी के चलते समर्पण सोशल डेवलपमेंट संस्था यूपी एंथम की जरूरत को लेकर सामने आई। इन्हीं के प्रयासों से उत्तर प्रदेश की खूबियों को साढ़े तीन मिनट के गान में पिरोया गया है। एंथम बनाने में दो महीने का वक्त लगा। इसका ऑडियो तैयार हो चुका और प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर वीडियो की शूटिंग चल रही है। यूपी एंथम की पहली सीडी प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव को सौंपी जाएगी।
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आठ गायकों ने दिए सुर

गरिमा गार्डन निवासी अरुण कुशवाहा और गाजियाबाद के नेहरू नगर निवासी संजय फिलिप्स ने एंथम के बोल लिखे और संगीत से सजाया। गाने को गाजियाबाद के ही आठ गायकों ने सुर दिए हैं।
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पेशे से रेडियो जॉकी अरुण कुशवाहा और म्यूजिक डायरेक्टर संजय फिलिप्स ने बताया कि दो महीने पहले समर्पण ने प्रदेश की अपनी एंथम होने की बात कही। प्रदेश के विभिन्न स्थानों के रिसर्च करने के बाद गान को लिखा गया। प्रदेश की समृद्ध संस्कृति गान की शक्ल दी गई है। अरुण ने बताया कि विडियो तैयार होने पर मुख्यमंत्री से मिलकर इसे प्रदेश गान घोषित करने की मांग की जाएगी।

अन्ना गीत भी तैयार किया
इससे पहले अरुण और संजय ने अन्ना आंदोलन को भी सुर दिया था। अन्ना आंदोलन के दौरान बजे गीत, ‘अन्ना तेरे हम साथ हैं, अन्ना उठे सब हाथ हैं, अन्ना पते की बात हैं...’ इन्होंने ने ही तैयार किए थे।


क्यों पड़ी एंथम की जरूरत
समर्पण संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज कुशवाहा ने बताया कि कहीं भी जाओ प्रदेश की छवि राजनीति और दबंगई को लेकर जानी जाती है। जबकि प्रदेश में मिनी भारत बसता है। यहां की संस्कृति विशाल सागर के सामान है। जाने कितनी संस्कृतियां सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही बसती हैं। ऐसे में प्रदेश की पहचान सशक्त तरीके से एंथम के जरिए समस्त भारत के सामने लाने की योजना बनाई गई।

प्रस्तावित यूपी एंथम के बोल...

जय जय जय उत्तर प्रदेश
कोटि-कोटि अंगड़ाईयां जब टूटे, खेतों में, मैदानों में
हरित क्रांति आती है, तब घर-घर में, खलिहानों में
सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा
और देश का दिल देश और देश की जान उत्तर प्रदेश हमारा
जय जय जय जय जय जय उत्तर प्रदेश
भाषाओं का ताना बाना, अलग-अलग रंगों का तराना
कदम कदम पर बदले बोली, शब्द नहीं कोई अंजाना
बाजे पायल की छन छन बाजारों में हाटों में
धूप जलावें, लौ लगावें, दरगाहों में, घाटों में
जय जय जय जय जय जय उत्तर प्रदेश
इश्क है हमको सब से, सब से है वफा
सारे जहां को हमसे ही उम्मीदें हर दफा
जो जलें तो बुझे नहीं, हम रौशन इस तरह
दमके देश इस लौ से ही, खुशहाली की वजह
हम कभी बंटे नहीं, हर मुश्किल में डटे वहीं
भव्य हैं, हम दिव्य हैं, अखंड हैं, अटल हैं हम
संकल्पों से पीछे हटें नहीं
जय जय जय जय जय जय उत्तर प्रदेश
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