फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   untold story of economist samir ghosh

जज्बे को सलामः नहीं थे दोनों हाथ, फिर भी जीती दुनिया

Tue, 17 Mar 2015 05:50 PM IST
Updated Tue, 17 Mar 2015 05:50 PM IST
विज्ञापन
untold story of economist samir ghosh

समीर घोष एक अर्थशास्त्री हैं। उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज और लंदन स्कूल ऑफ इकॉनामिक्स से पढ़ाई की है।

विज्ञापन


समीर घोष ने अपनी जिदंगी में बहुत ही अच्छा एकेडमिक काम किया है। आठ साल की उम्र में ही उन्होंने अपने दोनों हाथ खो दिए थे। समीर ने तभी निश्चय कर लिया था कि वह कभी किसी की दया पर जीवित नहीं रहेंगे। उन्होंने निश्चय किया कि वह जिदंगी में संघर्ष करके आगे बढ़ेगे।

कृषि अर्थशास्त्री देविंदर शर्मा ने अपनी फेसबुक वॉल पर इस बाबत एक पोस्ट शेयर की है। देविंदर शर्मा कि पोस्ट के मुताबिक समीर घोष के दोनों हाथ नहीं है। इसके बावजूद वो बड़ी आसानी से अपना पूरा खाना खा लेते हैं।
विज्ञापन


देविंदर शर्मा ने लिखा है कि उन्होंने मुझसे पापड़ लाने के लिए कहा और अपना दायां पैर उठाकर मेज पर रख लिया है। अपने दाएं पैर की उंगलियों के सहारे उन्होंने चावल खाना शुरू कर दिया। हम दोनों ने एक साथ खाना खत्म किया और फिर साथ मंच पर बैठ गए। इसके बाद समीर घोष ने सामाजिक समावेश पर अपना प्रजेंटेशन देना शुरू किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

समीर घोष आप मेरे भारत रत्न हैं!

untold story of economist samir ghosh

देविंदर शर्मा लिखते हैं कि किसी भी व्यक्ति के जोश और लगन को विकलांगता खत्म नहीं कर सकती है। समीर घोष आप मेरे भारत रत्न हैं!

समीर घोष विश्व बैंक, सयुंक्त राष्ट्र संघ और योजना आयोग के साथ काम कर चुके हैं। वर्तमान में वह पुणे में रहते हैं और नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन के साथ बतौर सलाहकार साथ काम करते हैं।

समीर घोष कार्यक्रम में अपने किसी भी निजी सहायक को साथ में नहीं लाए थे। जरा कल्पना करके देखिए समीर घोष कैसे अपने कमरे में रहते होंगे। बिना किसी सहायक और बिना अपने हाथों के सुबह अपने आप को हर दिन के लिए तैयार करते होंगे। कैसे शर्ट पहनते होंगे और कैसे अपनी शर्ट के बटन बंद करते होंगे।

जब उन्होंने बताया कि लंदन स्कूल ऑफ इकॉनामिक्स में अमर्त्य सेन के साथ काम किया है तो उनकी आंखों की चमक देखते बन रही थी। देविंदर शर्मा ने जब उनसे पूछा कि आप अपना लैपटॉप कैसे इस्तेमाल करते हैं तो समीर घोष ने जवाब दिया कि अपने पैरों के सहारे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed