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हौंसले के 'हाथ' से रामलाल ने बनाई अपनी दुनिया

Mon, 26 Oct 2015 08:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नरैनी।
ब्यूरो/अमर उजाला, नरैनी। Updated Mon, 26 Oct 2015 08:44 AM IST
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uniqe story of ram lal

हिम्मत और हौसले के आगे विकलांगता नतमस्तक हो गई। भूमिहीन आदिवासी मजदूर शारीरिक रूप से विकलांगों के लिए प्रेरणा बना है। एक हादसे में हाथ का पंजा कटने के बाद उसने हार नहीं मानी। पेट पालने के लिए मजदूरी के अलावा कोई रास्ता नहीं था, तो कटे हाथ में हंसिया ही बांध ली। यहां बात कुरुहूं गांव के रामलाल मवासी की हो रही है।

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रामलाल का करीब एक दशक पहले दाहिने हाथ का पंजा थ्रेसिंग मशीन में चला गया था। काफी इलाज के बाद जान तो बच गई पर पंजा गंवा बैठे। ठीक होने के बाद रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई।
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बाएं हाथ से फसल काटना संभव नहीं था। ऐसे में एक दिन दाएं हाथ के कटे पंजे पर हंसिया बांध ली। आज 50 की उम्र में रामलाल कटे हाथ में बंधी हंसिया से एक सामान्य आदमी की तरह फसल की कटाई करते हैं और अपने नौ सदस्य वाले परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।
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रामलाल का कहना है कि हाथ कटने के बाद वह लाचार हो गया था। मजदूरी न करने से परिवार पालना मुश्किल हो रहा था। अब हाथ में हंसिया बांध कर काम करना उसकी आदत में है। रामलाल का कहना है कि उसे कभी कोई मदद नहीं मिली। हौसले को किसी ने तवज्जो नहीं दी।

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