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नीतीश पर यूपीए ने लगाया 12 हजार करोड़ का सियासी दांव

Fri, 19 Apr 2013 12:42 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 19 Apr 2013 12:42 AM IST
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union cabinet clears rs 12000 crore package for bihar

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर भाजपा और जदयू में मचे सियासी घमासान के बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बिहार को विकास के मद में 12 हजार करोड़ का पैकेज का तोहफा देने का फैसला किया है।

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बिहार को यह रकम बैकवर्ड रिजन ग्रांट फंड (बीआरजीएफ) के तहत 12वीं पंचवर्षीय योजना में अगले चार साल में दी जाएगी।

भाजपा और जदयू के बीच बढ़ती दूरी, सपा के सरकार के प्रति बदलते तेवर और सोमवार से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण से ठीक पहले लिए गए इस फैसले को केंद्र का बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है।
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इस फैसले ने जहां जदयू और यूपीए सरकार के बीच घटती जा रही सियासी दूरी का संकेत दिया है, वहीं इसे सत्र के दौरान विपरीत परिस्थितियों में पर्याप्त संख्या बल जुटाने की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है।
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उल्लेखनीय है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से सूबे को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने और विकास के लिए तत्काल एकमुश्त 20 हजार करोड़ का पैकेज दिए जाने की मांग कर रहे थे।

मंत्रिमंडल ने हालांकि सूबे को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दी है और 20 हजार करोड़ की जगह 12 हजार करोड़ का पैकेज टुकड़ों में देने का फैसला किया है।

मगर जिन राजनीतिक परिस्थितियों के बीच मंत्रिमंडल ने यह फैसला किया उसके संकेत साफ हैं कि केंद्र जदयू से राजनीतिक दूरी घटाना चाहता है।

यही कारण है कि कैबिनेट ने बिहार को छोड़ कर अन्य किसी राज्य को बीआरजीएफ के तहत पैकेज नहीं दिया है।

सूत्रों के मुताबिक पहले सरकार की योजना बीआरजीएफ के मापदंडों में बदलाव कर बिहार सहित कई अन्य पिछड़े राज्यों को आर्थिक लाभ देने की थी।

मगर अंत समय में फैसला किया गया कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में जब सपा लगातार सरकार से दूरी बढ़ाती जा रही है तब पूरा ध्यान जदयू पर केंद्रित किया जाना चाहिए।


सरकार के रणनीतिकारों का मानना है कि इस फैसले के जरिये सरकार सपा को भी सीधा राजनीतिक संदेश देना चाहती है कि अगर उसने सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी की तो ऐसे आड़े वक्त में उसे जदयू को साथ मिल सकता है।

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