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शहादत का अपमान, कचरे में फेंकी वर्दी और सामान

Thu, 18 Dec 2014 05:09 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 18 Dec 2014 05:09 PM IST
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Uniforms of the dead CRPF personnel found in garbage in Chhattisgarh

(फोटो: साभार इंडियन एक्सप्रेस)

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छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों के शव पर फूल माला चढ़ाने की राजनीति हुई। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जवानों की मौत पर शोक व्यक्त किया और उन्हें पुष्पांजलि दी। लेकिन हम शहीदों को कितना सम्मान देते हैं यह कूड़ेदान में मिले शहीदों के कपड़ों से उजागर हुआ है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ के सुकमा में शहीद हुए सीआपीएफ के जवानों के कपड़े और जूते एक कूड़े के ढेर में पड़े मिले हैं।

मंगलवार को हॉस्पिटल के मुर्दाघर में शहीदों के परिजनों ने इन कपड़ों को पहचाना और फिर उनके फोटो खींचकर मीडिया को भेज दिए। खबर फैलने पर तमाम विरोधी दल सरकार के विरोध में उतरे और फिर हंगामा किया। विपक्ष के इस हंगामे में कई और बातें सामने आई हैं जो शायद ही लोगों तक पहुंच पातीं।
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गौरतलब है कि मामले को तूल पकड़ता देख केंद्र और राज्य सरकारें अब हरकत में आ गई हैं।

सरकार ने दिए जांच के आदेश

Uniforms of the dead CRPF personnel found in garbage in Chhattisgarh

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है उन्हें हमले में शहीद हुए जवानों के कपड़ों के कहीं पड़े होने की खबर मिली है। राजनाथ सिंह ने कहा है कि इस मामले पर उन्होंने छ‌त्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से बात की है और उनसे कहा कि मामले की उचित जांच कराकर लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाए।

वहीं सीआरपीएफ के महानिदेशक आरसी तायल ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि वह इस मामले की डीआईजी स्तर की जांच कराएंगे और दोषी पाए गए अधिकारियों पर सख्त कार्रवाही की जाएगी।

महानिदेशक तायल ने यह भी कहा कि राज्य के डीजीपी ने उनसे जिलाधिकारी स्तर की जांच कराने का आश्वासन भी दिया है। इस प्रकार से इस मामले की दो स्तरों पर जांच होगी।

सियासत का आरोप

Uniforms of the dead CRPF personnel found in garbage in Chhattisgarh

रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं शहीदों का सम्मान जताने के लिए इन कपड़ों को पार्टी कार्यालय ले गए। इस पर उन्हें किसी मृत व्यक्ति की संपत्ति बिना परिवार वालों की सहमति से ले जाने पर चोरी का मामला दर्ज कराने की चेतावनी मिली।

इसके बाद सीआरपीएफ को सूचना मिली और फिर उन्होंने इन कपड़ों को अपने पास रखा। इस मौके पर कांग्रेस के राज्य प्रमुख भूपेश बघेल ने कहा कि रमन सरकार ने इन कपड़ों को कूड़े में फेंक दिया था, शहीदों के इन कपड़ों का उचित तरीके अंतिम सस्कार के लिए वह अपने पास लाए थे।

मामले पर राज्य के भाजपा नेता शिवरतन शर्मा का कहना है कांग्रेस का काम काम लाशों पर राजनीति करना है। वहीं अस्पताल के सीएमओ का कहना है कि शव के कपड़ों को संभालना परिजनों या उसकी देखरेख के लिए आए व्यक्ति का काम होता है। जब मृतकों का पोस्टमार्टम हुआ उस दौरान वहां पर सीआरपीएफ की ओर से कोई भी मौजूद नहीं था।

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सुबह करीब साढ़े दस बजे हुआ था हमला

Uniforms of the dead CRPF personnel found in garbage in Chhattisgarh

गौरतलब है यह हमला सोमवार को ही हुआ था जिसमें 14 जवान शहीद हो गए थे और दर्जन भर से ज्यादा जवान घायल भी हुए थे। शहीद होने न डिप्टी कमांडेंट बीएस वर्मा और असिस्टेंट कमांडेंट राजेश कपूरिया भी शामिल हैं।

इसी क्षेत्र में करीब 10 दिन पहले भी सुरक्षा बलों पर हमला किया गया था, जिसमें पांच से ज्यादा जवान घायल हो गए थे। इसी साल 11 मार्च को भी सुकमा जिले में नक्सली हमले में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें 11 सीआरपीएफ के जवान थे।

छत्तीसगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि दक्षिणी बस्तर क्षेत्र के घने जंगलों में चिंतागुफा के पास बड़ी संख्या में मौजूद नक्सलियों ने घात लगाकर सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के काफिले पर सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे हमला कर दिया था।

सुरक्षा बल के जवान क्षेत्र में कई दिन तक चले नक्सल विरोधी ऑपरेशन के बाद वापस लौट रहे थे। नक्सली जंगलों में से छिपकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा रहे थे। हमले में 13 जवानों की तो मौके पर ही मौत हो गई थी। दोपहर करीब 2 बजे तक चले एनकाउंटर में सीआरपीएफ के जवानों की जवाबी कार्रवाई में कई नक्सली भी घायल हुए थे।

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