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मुंह फुलाए बैठे नेता भी आए नमो के साथ

Sun, 18 May 2014 08:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 18 May 2014 08:44 AM IST
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unhappy leaders of bjp now with narendra modi

जब समूची काशी में शुक्रवार को मोदी की जीत का जश्न मनाया जा रहा था, इसमें वह लोग भी शामिल हुए जो शुरुआती दौर में टिकट वितरण से असंतुष्ट चल रहे थे।

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चुनाव प्रचार के आरंभिक दिनों में जो मुंह फुलाए बैठे थे, नमो लहर के आगे उनके तेवर भी ढीले पड़ गए और बुझे मन ही सही मोदी की जीत की खुशियां उन्होंने भी मनाईं। यही नहीं, शनिवार को नमो के स्वागत की तैयारियों में भी जुटे रहे।
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इनमें संगठन के कुछ नेता ऐसे भी थे जिन्हें स्थानीय चुनाव संचालन समिति में जिम्मेदारियां भी दी गई थीं।

इलेक्शन कैंपेन के दौरान फैला था असंतोष

unhappy leaders of bjp now with narendra modi

मोदी की कैंपेनिंग के दौरान जब अमित शाह पहली बार बनारस आए तो इनमें से कुछ नेताओं के साथ उन्होंने बैठकें भी कीं और पूरे मन से चुनाव में जुटने की ताकीद की। उस दौरान इन नेताओं ने हामी में सिर हिलाया, लेकिन अंदरखाने में असंतोष बरकरार रहा।

जब यह स्पष्ट हो गया कि वाराणसी से मोदी की जीत होगी, तब भी चुनाव प्रबंधन से जुड़े एक बड़े नेता का कहना था कि हमारी पार्टी ने जनता की अपेक्षाएं इतनी बढ़ा दी है कि उसे पूरा करना बड़ा कठिन होगा। कहीं ऐसा न हो जैसा बड़ा स्वप्न टूटने पर होता है।

वहीं, एक नेता पार्टी के घोषणापत्र की कमियां ही गिनाते फिर रहे थे। वहीं, जब जीत हुई तो सबने बहती गंगा में हाथ धोया और यह आभास नहीं होने देना चाह रहे थे कि उनके मन में कोई असंतोष भी है।

स्थानीय कार्यकर्ताओं का अब क्या होगा!

unhappy leaders of bjp now with narendra modi

अब भी पार्टी का एक खेमा कहता फिर रहा है कि स्थानीय कार्यकर्ताओं को हाशिये पर ही रहना होगा।

मोदी प्रधानमंत्री होंगे तो उनका सारा कामकाज तो उनकी अपनी टीम संभालेगी। फिर उन कार्यकर्ताओं के उत्साह का क्या होगा जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर मोदी की जीत की जमीन तैयार की।

बहरहाल, मोदी को सम्मानजनक जीत ने यह तो साबित कर ही दिया कि भले ही संगठन के कुछ लोग उन्हें न चाहते हों लेकिन काशी की जनता उन्हें चाहती है।

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