लखवी की रिहाई के मुद्दे पर UN ने मानी भारत की मांग
मुंबई हमले के मास्टर माइंड और लश्कर-ए-ताइबा के आतंकी जकीउर रहमान लखवी की रिहाई पर संयुक्त राष्ट्र संघ से हस्तक्षेप करने की भारत की मांग को स्वीकार कर लिया गया है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अशोक मुखर्जी ने कहा कि लखवी की रिहाई वैश्विक संस्था के मानकों का उल्लंघन हैं। लिहाजा आतंकी लखवी की रिहाई का मुद्दा पाकिस्तान के समक्ष उठाया जाना चाहिए।
इस मुद्दे पर यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) की एक समिति ने भारत को ये भरोसा दिलाया है कि वह अगली मीटिंग में मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड लखवी की रिहाई का मुद्दा उठाएगी।
अगली बैठक में उठेगा लखवी का मुद्दा
आपको बता दें कि पाकिस्तान की अदालत ने नौ अप्रैल को लखवी को जमानत पर छोड़ दिया था। जिसका भारत की ओर से लगातार विरोध किया जा रहा था।
संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध समिति के वर्तमान अध्यक्ष जिम मैक्ले को लिखे पत्र में मुखर्जी ने कहा कि पाकिस्तानी अदालत की ओर से लखवी की रिहाई संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव संख्या 1267 का उल्लंघन है। मुखर्जी ने कहा कि इस प्रस्ताव के तहत आतंकी संगठन अलकायदा और लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लागू है।
भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि जमानत के लिए उपलब्ध कराई गई धनराशि भी प्रतिबंध के नियमों के खिलाफ है, जिसके तहत ऐसी संपत्तियों और आर्थिक संसाधनों को जब्त करने का प्रावधान है।
मालूम हो कि लखवी की रिहाई ने अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस और जर्मनी समेत दुनिया के देशों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका समेत दुनिया के अन्य देशों ने लखवी की दुबारा से गिरफ्तारी की भी मांग की है।