उमा नहीं लड़ेंगी सोनिया के खिलाफ चुनाव
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भाजपा अपनी फायर ब्रांड नेता उमा भारती को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ रायबरेली से चुनाव नहीं लड़वाएगी। उमा उत्तर प्रदेश की झांसी सीट से उम्मीदवार होंगी।
हालांकि पार्टी रायबरेली के लिए दमदार और बड़े नाम की तलाश कर रही है। जबकि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी से अभिनेत्री से नेता बनीं स्मृति ईरानी को चुनाव लड़ाने पर लगभग सहमति बन गई है।
उमा को सोनिया के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारने की अटकलों को विराम देते हुए भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि वह झांसी से ही चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव की ओर से यह सुझाव आया था।
इन सीटों पर सशक्त प्रत्याशियों की तलाश
इस पर विचार करने के बाद पार्टी ने तय किया कि उमा भारती झांसी से ही चुनाव लड़ेंगी। दरअसल, आम आदमी पार्टी के मैदान में आने के कारण भाजपा को इन दोनों सीटों पर अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराने के लिए सशक्त प्रत्याशियों की तलाश है।
वहीं कांग्रेस भी अभी तक वाराणसी में मोदी के खिलाफ अभी तक अपना कोई प्रतयासी त नहीं किया, ऐसे में बीजेपी की ओर से सानिया के खिलाफ प्रत्यासी तय करना जल्दबाजी होती।
जबकि पहले के चुनाव भाजपा ज्यादातर मामलों में दूसरे दलों के वरिष्ठ नेताओं के सामने अपने बड़े नेताओं अथवा चर्चित चेहरों को उतारने से बचती रही है, क्योंकि दूसरे दलों के नेताओं के सामने हारने का ज्यादा खतरा रहता है।
कांग्रेस के दांव को जवाब देने की कोशिश
भाजपा ने अपने पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की वडोदरा और वाराणसी के चुनावी रण में ज्यादा से ज्यादा उलझाने की कांग्रेस की रणनीति को देखते हुए सोनिया और राहुल के खिलाफ भी यही दांव चलने का फैसला किया है।
गौरतलब है कि वडोदरा में कांग्रेस ने अपने महासचिव और जनजातियों के बीच अच्छी पैठ रखने वाले मधुसूदन मिस्त्री को उम्मीदवार बनाया है।
वहीं वाराणसी में भी कांग्रेस मोदी के खिलाफ ताकतवर उम्मीदवार उतारने की कसरत में जोरशोर से जुटी है।