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अब गोवा भी होगा मोदीमय!

Fri, 07 Jun 2013 12:38 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 07 Jun 2013 12:38 PM IST
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uma bharti and varun gandhi to skip bjp's goa meet

गोवा में आयोजित भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती और वरुण गांधी पार्टी के नहीं दिखेंगे। ये दोनों ही पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह की टीम का हिस्सा भी हैं।

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इधर दिल्ली के तालकटोरा सम्मेलन में नमो-नमो (नरेंद्र मोदी) का जाप कर चुकी कर चुकी भाजपा अब गोवा में भी मोदीमय होने की राह पर आगे बढ़ रही है।

पार्टी उपाध्यक्ष उमा भारती का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, जबकि महासचिव वरुण गांधी विदेश यात्रा पर हैं। दोनों ने ही राजनाथ को इसकी जानकरी दे दी है।

उमा ने राजनाथ को लिखे पत्र में कहा है कि वे कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होना चाहती थीं, लेकिन डाक्टरों ने उन्हें लंबी यात्रा करने से मना कर दिया है। जबकि वरुण गांधी अपनी विदेश यात्रा को लेकर राजनाथ को पहले ही जानकारी दे चुके हैं।
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खास बात यह है कि वरुण गांधी पिछले दिनों राजनाथ सिंह की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से भी कर चुके हैं।

यह अलग बात है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तुलना वाजपेयी से कर दी।

मोदीमय होने की राह पर बीजेपी

दिल्ली के तालकटोरा सम्मेलन में नमो-नमो (नरेंद्र मोदी) का जाप कर चुकी कर चुकी भाजपा अब गोवा में भी मोदीमय होने की राह पर आगे बढ़ रही है।

मोदी को चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपने का लगभग फैसला हो चुका है। इस फैसले की ऐलान के साथ ही भाजपा गोवा से लोकसभा चुनाव के लिए बिगुल भी बजा देगी।

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक गोवा में 11 साल बाद होने जा रही है। शुक्रवार को पार्टी पदाधिकारियों की बैठक होगी और इसमें कार्यकारिणी के एजेंडा को हरी झंडी दिखाई जाएगी।
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इसके बाद देशभर से आए भाजपा नेता शनिवार और रविवार को देश के मौजूदा राजनीतिक, आर्थिक व सुरक्षा समेत विभिन्न मुद्दों पर विचार मंथन करेंगे। सम्मेलन का मुख्य एजेंडा चुनाव की तैयारी है।

पार्टी एक दशक बाद रायसीना हिल्स लौटने के लिए रणनीति तय करेगी। इसके साथ ही मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हैट्रिक बनाने तथा दिल्ली और राजस्थान में सत्ता में लौटने की तैयारी करेगी। हालांकि इन सभी मद्दों के बीच मोदी का मुद्दा सब पर भारी पड़ता दिख रहा है।

मोदी के मुद्दे पर बंटी भाजपा की आंतरिक खींचतान के खुल कर सामने आने की आशंका है, लेकिन इतना तय है कि सम्मेलन में मोदी ही छाए रहेंगे।

बहरहाल, पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी के अनुसार राष्ट्रीय कार्यकारिणी के इस दो दिनी सम्मेलन में मुख्यत: राजनीतिक-आर्थिक प्रस्ताव के साथ ही इस बार देश की आंतरिक व बाहरी सुरक्षा पर विशेष प्रस्ताव लाया जाएगा।

इस चुनावी साल में भाजपा आतंकवाद, नक्सलवाद से लेकर सीमा पर घटित हाल की घटनाओं पर यूपीए सरकार को निशाने पर लेना चाहती है।

खासतौर पर छत्तीसगढ़ की नक्सली हिंसा से लेकर लद्दाख क्षेत्र में चीन की घुसपैठ और पाकिस्तान की ओर से भारतीय सैनिक के सर काटे जाने जैसी घटनाओं के मद्देनजर सुरक्षा संबंधी प्रस्ताव लाया जाएगा।


इसमें यूपीए सरकार को कटघरे में खड़ा किया जाएगा। इन सभी प्रस्तावों में यूपीए सरकार और कांग्रेस खास निशाने पर रहेगी।

राजनीतिक-आर्थिक प्रस्तावों में एक ओर यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों से लेकर देश की बदहाल अर्थव्यवस्था का जिक्र होगा, तो दूसरी ओर एनडीए शासन और भाजपा शासित प्रदेशों की उपलब्धियों का बखान होगा। छत्तीसगढ़ की नक्सली हिंसा के मद्देनजर जेल भरो आंदोलन को फिर से शुरू करने का भी फैसला होगा।

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