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अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोले 'नमो-नमो'
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 19 Sep 2013 09:28 PM IST
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गुजरात के मुख्यमंत्री और भाजपा की ओर से पीएम पद का दावेदार घोषित किए गए नरेंद्र मोदी को लेकर विदेशी सरकारों की खटास में अब कमी आती दिख रही है।
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने मोदी के साथ काम करने की इच्छा जताई है।
कैमरन ने कहा है कि गुजरात में ब्रिटेन के व्यापक उद्देश्यों को देखते हुए ब्रिटेन, गुजरात और उसके मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ निकट संबंध बनाने का पक्षधर है।
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गरावी गुजरता समूह के साप्ताहिक अखबार 'ईस्टर्न आई' में कैमरन ने यह बातें कहीं। उन्होंने आगे कहा कि साल 2002 के गुजरात दंगों के बाद पिछले 12 महीनों में कानूनी प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इसमें कई हाई-प्रोफाइल मामलों में सजा भी हुई है।
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कैमरन का मानना है कि नरेंद्र मोदी सहित गुजरात से बेहतर संबंध बनाने से ही ब्रिटेन के उद्देश्यों की पूर्ति हो सकती है, जिसमें मानवाधिकार भी शामिल है।
कैमरन से पूछा गया कि साल 2014 के आम चुनावों में अगर मोदी की जीत होती है तो क्या ब्रिटेन उन्हें वीजा जारी करेगा, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ब्रिटेन, भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों के लेकर प्रतिबद्घ हैं और इसमें भारतीय प्रधानमंत्री का यहां स्वागत करना भी शामिल है।
नरेंद्र मोदी को 13 सितंबर को प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था।
गुजरात में 2002 के दंगों के बाद ब्रिटेन और अमेरिका सहित कई पश्चिमी देशों ने खुद को मोदी से अलग कर लिया था और वीजा देने से मना कर दिया था।
लेकिन पिछले कुछ साल से उनका रूख बदलता दिख रहा है। ब्रिटेन के विदेश विभाग कार्यालय के मंत्री ह्यूगो स्वायर ने मार्च में गुजरात में मोदी से मुलाकात में कहा था कि भारतीय और ब्रिटने के संबंधों में यह 'अगला महत्वपूर्ण कदम' है।
यह भी कहा जा रहा है कि ब्रिटेन के इस रुख के पीछे गुजरात में अपना निवेश हित देख रही वहां की बिजनेस लॉबी का हाथ है।