सीटों को लेकर बीजेपी-शिवसेना में जारी है रार
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शिवसेना के कार्यकारी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि वो ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे भाजपा के साथ उनकी पार्टी का गठबंधन टूट जाए।
महाराष्ट्र में 15 अक्तूबर को विधानसभा चुनाव होंगे, लेकिन 25 साल पुराना शिवसेना-भाजपा गठबंधन अब तक सीटों के बंटवारे को लेकर किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंच पाया है।
गठबंधन के भविष्य के बारे में बार-बार पूछे जाने पर उद्धव का कहना था, ''ऐसा कुछ नहीं करूंगा, जिससे गठबंधन टूटे। 25 साल पुराना गठबंधन है, विकल्प देखेंगे। बार-बार ऐसा होता है, लेकिन हम साथ हैं। बीजेपी से हमारी बातचीत जारी है''।
इस बीच उम्मीद है कि भाजपा महासचिव और महाराष्ट्र के प्रभारी राजीव प्रताप रूढ़ी सोमवार को किसी भी समय उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर सकते हैं।
रस्साकशी अभी भी बरकरार
उधर भाजपा नेता राजीव प्रताप रूढ़ी ने कहा कि शिवसेना एक भरोसेमंद सहयोगी है और बातचीत सही दिशा में जा रही है। उनका कहना था, ''शिवसेना से बातचीत जारी है। शिवसेना प्रमुख को सुझाव भेजे गए हैं, इसलिए अभी इस पर कुछ टिप्पणी करना सही नहीं है''।
शिवसेना 288 वाली विधानसभा में से कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन भाजपा फिलहाल इसके लिए तैयार नहीं दिखती है।
भाजपा चाहती है कि दोनों प्रमुख पार्टियां 135 सीटों पर चुनाव लड़ें जबकि बाकी 18 सीटें गठबंधन की छोटी पार्टियों के लिए छोड़ी जाएं। लेकिन उद्धव ठाकरे ने साफ किया कि वे बीजेपी के लिए 135 सीटें नहीं छोड़ सकते।
2009 के चुनाव में शिवसेना ने 169 और भाजपा ने 119 सीटों पर चुनाव लड़ा था। लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन के कारण वो कम सीटों पर लड़ने को तैयार नहीं दिखती।