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BJP का दांव हिंदुत्व पर, उद्धव बन सकते हैं NDA संयोजक

Fri, 21 Jun 2013 06:25 PM IST
विनोद अग्निहोत्री
विनोद अग्निहोत्री Updated Fri, 21 Jun 2013 06:25 PM IST
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udhav could be next nda convenor, bjp proposed

भारतीय जनता पार्टी ने शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को एनडीए का संयोजक बनाने की पेशकश कर यह साफ कर दिया है कि पार्टी अगले लोकसभा चुनावों में हिंदुत्व के मुद्दे को प्रमुखता देगी। हालांकि, इस सिलसिले में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

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सूत्रों का कहना है कि भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने मुंबई में ठाकरे से हाल में हुई मुलाकात के दौरान यह पेशकश की है। एनडीए से जद(यू) के बाहर होने और संयोजक पद से शरद यादव के इस्तीफे के बाद शिवसेना प्रमुख इस जिम्मेदारी को संभालने को कहा गया है।
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हालांकि, उद्धव ठाकरे दिल्ली में नहीं रहते, इसलिए मुमकिन है कि यह जिम्मेदारी शिवसेना के किसी ऐसे वरिष्ठ सांसद को दी जाए, जो राजधानी में रहते हैं। इसमें शिवसेना प्रवक्ता और पार्टी मुखपत्र 'सामना' के संपादक संजय राउत का नाम सबसे ऊपर है।
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हालाकि, भाजपा के शिखर पुरुष लाल कृष्ण आडवाणी यह जिम्मेदारी अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को सौंपने के पक्ष में हैं। उनका मानना है कि अगर एनडीए का विस्तार करना है, तो बादल को संयोजक बनाना ठीक रहेगा।

लेकिन नरेंद्र मोदी और राजनाथ की जोड़ी उद्धव ठाकरे को यह जिम्मेदारी देना चाहती है। वैसे जद(यू) से रिश्ते खत्म होने के बाद भाजपा को किसी धर्मनिरपेक्ष दल से चुनाव पूर्व गठबंधन की उम्मीद बेहद कम है।

एनडीए में भाजपा के बाद जद(यू) के सांसदों की संख्या सबसे ज्यादा थी, इसलिए संयोजक पद उसके ही पास था। अब शिवसेना के सांसद भाजपा के बाद दूसरे नंबर पर हैं। इस फॉर्मूले के हिसाब से शिवसेना को ही यह पद देने की पैरवी हो रही है। आरएसएस भी शिवसेना प्रमुख को यह जिम्मेदारी देने के पक्ष में है।


संघ नेतृत्व का मानना है कि नरेंद्र मोदी का चेहरा आगे करने और शिवसेना प्रमुख को एनडीए का संयोजक बनाकर चुनाव में उतरने से हिंदुत्व का एजेंडा आगे बढ़ेगा और एनडीए के पक्ष में हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण होने की संभावना ज्यादा है।

साथ ही 48 लोकसभा सीटों वाले महाराष्ट्र में भी एनडीए को इसका खासा फायदा मिल सकता है।

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