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दिल्ली के हर थाने में अब रहेंगी दो महिला एसआई

Thu, 03 Jan 2013 10:29 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Thu, 03 Jan 2013 10:29 PM IST
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two women sub inspector in each police station of delhi

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सभी 166 थानों में अब कम से कम दो महिला सब-इंस्पेक्टर और सात महिला कांस्टेबल बहाल की जाएंगी। गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बृहस्पतिवार को इस फैसले पर मुहर लगा दी।

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इस फैसले के साथ नॉर्थ ब्लॉक स्थित गृह मंत्रालय में दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा और दिल्ली पुलिस के कामकाज की समीक्षा के लिए बनी टास्क फोर्स की पहली अहम बैठक हुई। गृहसचिव आरके सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सुरक्षा संबंधी कई अहम फैसले लिए गए।
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यह टास्क फोर्स पंद्रह दिन बाद दिल्ली पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा करेगी। टास्क फोर्स की बैठक में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के अलावा महिलाओं में विश्वास बहाली के लिए उठाए जाने वाले कदमों को जल्द से जल्द अमली जामा पहनाने की शुरुआत कर दी गई है।
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हालांकि औपचारिक तौर पर सरकार की ओर के इसका ब्यौरा नहीं दिया गया। लेकिन उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक थानों और अदालतों में महिला संबंधी मामलों को संवेदनशील तरीके से निबटाना एजेंडा में सबसे ऊपर है। इसकी शुरुआत गृहमंत्री ने थानों में महिला अधिकारियों की संख्या बढ़ाने के फैसले से कर दी है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में 83 हजार की पुलिस फोर्स है। इसमें करीब 6000 महिला पुलिसकर्मी हैं।

सूत्रों के मुताबिक नई जरूरत को पूरा करने के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती का विशेष अभियान चलाया जाएगा। दिल्ली में परिवहन व्यवस्था की जटिलता के मद्देनजर महिलाओं के लिए खास इंतजाम किए जाने पर भी कई अहम फैसले लिए गए।

सरकार का मानना है कि गाड़ियों और बसों में महिलाओं के असुरक्षित होने की आशंका ज्यादा होती है, लिहाजा रोजमर्रा के ट्रैफिक संचालन में सुरक्षा के मामले को भी शामिल किया जाएगा। बैठक में दिल्ली पुलिस कमिश्नर, मुख्य सचिव और दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष सहित सभी 13 सदस्य मौजूद थे।

दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा संचालित होती है। यही वजह है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से गृहमंत्रालय फिलहाल सिर्फ दिल्ली से संबंधित फैसले ले रहा है। पूरे देश में में इस बाबत उपायों को लागू करने के मकसद से शुक्रवार को गृहमंत्री राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ अहम बैठक कर रहे हैं।


इस बैठक में महिलाओं की सुरक्षा के लिए दिल्ली के मॉडल पर भी चर्चा की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक केंद्र महिलाओं के प्रति सामंती नजरिए में बदलाव के लिए प्रशासनिक स्तर पर नए प्रयोगों के पक्ष में है। इसी बैठक में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्किंग सिस्टम (सीसीटीएनएस) के पायलट प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी जाएगी।

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