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सेक्स के धंधे में फिर फंसाने के लिए आई 'मौसी' और 'बुआ'

Wed, 15 May 2013 11:16 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 15 May 2013 11:16 AM IST
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two woman tried to trap girl again in sex trade

दिल्ली के बदनाम जीबी रोड स्थित वेश्यालय से शुक्रवार को बचाई गई दो लड़कियों में से एक नेपाल की है जिसने यह कभी नहीं सोचा होगा कि उसको फिर से सेक्स के धंधे में फंसाने के लिए दो औरतें मौसी और बुआ बनकर कोर्ट में पहुंच जाएंगीं।

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शुक्रवार को वेश्यालय से पश्चिम बंगाल की एक लडकी को उसके परिवार वालों ने एनजीओ शक्तिवाहिनी और दिल्ली पुलिस की मदद से बचाया था। उसके साथ एक और लड़की को भी बचाया गया था जिसके बारे में पुलिस का कहना है कि वह नेपाल की है।
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झांसा देने की कोशिश
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार, शनिवार को दिल्ली के एक लोकल कोर्ट में जब नेपाली लड़की को पेश किया गया तो वहां दो औरतें पहुंचीं और लड़की की 'मौसी' और 'बुआ' होने का दावा किया। उनके पास अपने दावे को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं था।
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दोनों औरतों ने कोर्ट में यह भी दावा किया कि लड़की के माता-पिता की बचपन में ही मौत हो चुकी है। दोनों औरतों के बारे में पुलिस का यकीन है कि वे देह व्यापार से जुड़े गैंग की मेंबर थीं।

दोनों औरतों को जब तक पुलिस हिरासत में ले पाती तब तक वे कोर्ट से गायब हो चुकी थीं। पुलिस का यह भी कहना है दोनों औरतों के खिलाफ ठोस सबूत नहीं होने की वजह से उन पर कार्रवाई नहीं की जा सकती।

लड़की को बचाने में मदद करने वाली एनजीओ शक्ति वाहिनी का कहना है कि वह नाबालिग है। लेकिन पीड़िता ने कमला मार्केट पुलिस थाने में खुद को बालिग और 19 साल का बताया। लोकल कोर्ट ने अपने फैसले में दोनों औरतों के लड़की की मौसी और बुआ होने के दावे पर संदेह जाहिर किया है।


दिल्ली पुलिस से खुश नहीं पीड़ित
जीबी रोड स्थित वेश्यालय से पश्चिम बंगाल से गायब हुई जिस लड़की को बचाया गया, वह केस रजिस्टर करने और जांच करने का जिम्मा पश्चिम बंगाल पुलिस को सौंपे जाने के दिल्ली पुलिस के फैसले से खुश नहीं है। उसने नेशनल कमिशन फॉर वुमन को लिखे पत्र में चेयरपर्सन से अनुरोध किया है कि जल्दी वेश्यालयों और इस धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि अन्य लड़कियों को बचाया जा सके।

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